कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्ट्रीब्यूटर Wiscon Industries का **₹110 करोड़** का IPO **29 अक्टूबर** को **1.15 गुना** सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है।
सब्सक्रिप्शन का गणित
इश्यू को मिले आंकड़ों पर गौर करें तो संस्थागत निवेशकों (Qualified Institutional Buyers) ने जमकर बोली लगाई है। QIB कोटा 2.24 गुना भरा है, जबकि रिटेल निवेशकों का रिस्पॉन्स सुस्त रहा और उनका कोटा केवल 66 प्रतिशत ही भर पाया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का कोटा 75 प्रतिशत तक पहुंचा। कुल मिलाकर, 41.66 लाख शेयरों के इश्यू के मुकाबले 47.97 लाख शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुई हैं।
बिज़नेस मॉडल और रिस्क
Wiscon Industries मुख्य रूप से एयर कंडीशनर, LED टीवी और वॉशिंग मशीन जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स के डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का 98 से 99 प्रतिशत रेवेन्यू B2B (Business-to-Business) सेगमेंट से आता है। इसका मतलब है कि कंपनी की कमाई सीधे कंज्यूमर डिमांड के बजाय क्लाइंट्स की पेमेंट साइकिल और उनकी जरूरतों पर निर्भर करती है।
IPO का इस्तेमाल और फाइनेंशियल्स
प्रमोटर सिद्धांत डालमिया द्वारा लाए गए इस IPO का इस्तेमाल सब्सिडियरी 'डालमिया टेक्नोलॉजीज' में कैपिटल खर्च के लिए ₹15.03 करोड़ और वर्किंग कैपिटल के लिए ₹35 करोड़ जुटाने के लिए किया जाएगा। मार्च 2026 तक कंपनी ने ₹196.9 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹20.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
आगे की राह
यह इश्यू BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा, जहां मुख्य बोर्ड के मुकाबले लिक्विडिटी कम हो सकती है। शेयरों का अलॉटमेंट 30 अक्टूबर को होगा और इसकी लिस्टिंग 3 नवंबर को होने की उम्मीद है।
