बाजार में कदम रखते ही Veegaland Developers के शेयरों में हलचल मच गई। **10%** के प्रीमियम के साथ लिस्ट होने के बाद स्टॉक में भारी मुनाफावसूली देखी गई और यह लोअर सर्किट पर आ गया। अब निवेशकों की निगाहें कंपनी के **₹210 करोड़** के IPO फंड के इस्तेमाल और प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर टिकी हैं।
बाजार में उतार-चढ़ाव भरी शुरुआत
Veegaland Developers की शेयर बाजार में शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹140 प्रति शेयर था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर स्टॉक ₹154 और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ₹151 पर लिस्ट हुआ, जो कि क्रमशः 10% और 7.8% का प्रीमियम था।
हालांकि, यह जोश ज्यादा देर नहीं टिक पाया। बाजार खुलते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit booking) शुरू कर दी, जिससे शेयर पर भारी दबाव बना और यह लोअर सर्किट तक गिर गया। दिन के अंत तक, शेयर NSE पर ₹146.30 और BSE पर ₹143.45 पर लॉक हो गया।
IPO फंड और आगे की राह
कंपनी ने इस फ्रेश इश्यू के जरिए ₹210 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी के दस्तावेजों के मुताबिक, इस फंड का इस्तेमाल नई जमीन खरीदने और मौजूदा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने में किया जाएगा। कंपनी की भविष्य की सफलता पूरी तरह से मैनेजमेंट की क्षमता पर निर्भर करेगी कि वे इस पूंजी को कैसे मुनाफे में बदलते हैं।
रियल एस्टेट सेक्टर में प्रोजेक्ट्स में देरी, रेगुलेटरी मंजूरियों और आर्थिक चक्र का रिस्क हमेशा बना रहता है। जमीन अधिग्रहण में निवेश किए गए पैसों का रिटर्न मिलने में अक्सर कई क्वार्टर्स या साल लग जाते हैं। यही कारण है कि मार्केट एक्सपर्ट्स फिलहाल 'वॉच एंड वेट' की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी के तिमाही नतीजों और प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर होगी।
