लगातार दो बार IPO लाने में नाकाम रही Veeda Lifesciences ने अब अपनी स्ट्रैटेजी बदल दी है। कंपनी ने अब मेजॉरिटी स्टेक बेचने का फैसला किया है, जिसके लिए **$40 करोड़** की वैल्यूएशन का लक्ष्य रखा गया है।
प्राइवेट डील की ओर कदम
कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च फर्म Veeda Lifesciences ने अब प्राइवेट तौर पर अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी इस डील के जरिए $30 करोड़ से $40 करोड़ की वैल्यूएशन हासिल करना चाहती है। इस पूरी प्रक्रिया को मैनेज करने के लिए JPMorgan Chase & Co. को नियुक्त किया गया है, जिसमें प्राइमरी और सेकेंडरी शेयर सेल शामिल होंगे।
क्यों फेल हुआ IPO?
कंपनी ने साल 2021 और 2025 में भी पब्लिक लिस्टिंग (IPO) की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सितंबर 2026 में रेगुलेटरी अप्रूवल खत्म होने के बाद, अब मैनेजमेंट का पूरा फोकस CX Partners जैसे लंबे समय से जुड़े इन्वेस्टर्स को एग्जिट देने पर है।
फाइनेंशियल्स पर दबाव
कंपनी का रेवेन्यू तो बढ़ा है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी पर मार पड़ी है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में रेवेन्यू ₹611 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹389 करोड़ था। हालांकि, 2026 के पहले 9 महीनों में कंपनी ने ₹222 करोड़ के रेवेन्यू के साथ ₹66.81 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। इस घाटे के पीछे मुख्य कारण विस्तार की लागत और नई कंपनियों (Heads और BIPL) का अधिग्रहण है।
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी इस चुनौतीपूर्ण समय में कोई स्ट्रेटेजिक बायर या प्राइवेट इक्विटी इन्वेस्टर ढूंढ पाती है और घाटे से उबरकर मुनाफे की ओर कब तक लौटती है।
