Varmora Granito के शेयर आज बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं। कंपनी ने IPO के लिए ₹148 का प्राइस तय किया था, लेकिन निवेशकों की सुस्त मांग के चलते स्टॉक की शुरुआत फ्लैट रहने के संकेत हैं।
Varmora Granito आज, 28 सितंबर को शेयर बाजार में अपनी नई पारी शुरू करने जा रही है। कंपनी का IPO 24 सितंबर को बंद हुआ था, जिसे निवेशकों से कोई खास उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। ग्रे मार्केट में भी कंपनी के शेयर को लेकर कोई खास हलचल नहीं है, जिससे लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को बड़े मुनाफे की उम्मीद कम है।
सुस्त रिस्पॉन्स की वजह
कंपनी के IPO को कुल मिलाकर सिर्फ 1.58 गुना सब्सक्राइब किया गया। अगर अलग-अलग कैटेगरीज की बात करें, तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने इसमें 3.16 गुना दिलचस्पी दिखाई, लेकिन रिटेल निवेशकों ने इसे केवल 1.0 गुना ही सब्सक्राइब किया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का रिस्पॉन्स तो 0.92 गुना पर ही सिमट गया, जो बाजार में निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।
बिजनेस का मॉडल और चुनौतियां
गुजरात के मोरबी क्लस्टर में ऑपरेट करने वाली Varmora Granito टाइल सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है। इनके पास 300 से ज्यादा एक्सक्लूसिव आउटलेट्स और करीब 2,800 मल्टी-ब्रांड डिस्ट्रीब्यूटर्स का बड़ा नेटवर्क है। कंपनी का 84% रेवेन्यू प्रीमियम टेक्निकल प्रोडक्ट्स से आता है और ऑपरेशंस के लिए यह 16.22 मेगावाट की सोलर और विंड एनर्जी का इस्तेमाल कर रही है।
निवेशकों को इस सेक्टर की चुनौतियों को भी समझना होगा। टाइल इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है और नेचुरल गैस जैसी एनर्जी की बढ़ती कीमतें सीधे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं। इसके अलावा, इकोनॉमिक साइकिल का असर भी इनके प्रीमियम प्रोडक्ट्स की डिमांड पर पड़ सकता है।
IPO का गणित
इस IPO में ₹320 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए गए हैं और ₹388 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। अब जब कंपनी पब्लिक लिस्टेड हो गई है, तो निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने विस्तार की योजनाओं को कैसे पूरा करती है और इस भीड़ भरे मार्केट में अपने मार्जिन को कैसे बरकरार रखती है।
