Varmora Granito अपना **₹708 करोड़** का IPO लेकर आ रही है, जिसमें **₹320 करोड़** का फ्रेश इश्यू शामिल है। हालांकि, **60.7x** का महंगा P/E वैल्युएशन और **9.9%** का कम ROCE निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
Varmora Granito ने बाजार में अपनी धाक जमाने के लिए ₹708 करोड़ का IPO लाने की तैयारी की है। इस इश्यू में ₹320 करोड़ के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹388 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। कंपनी का मुख्य लक्ष्य कर्ज कम करना है ताकि बैलेंस शीट को बेहतर बनाया जा सके।
कम रिटर्न और दक्षता की चुनौती
कंपनी के पास 12 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और 3,000 से ज्यादा रिटेल टचपॉइंट्स हैं, लेकिन फाइनेंशियल डेटा कुछ अलग ही कहानी बयां करता है। निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर कंपनी के ROCE (Return on Capital Employed) पर है, जो केवल 9.9% है। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी पूंजी पर पर्याप्त मुनाफा नहीं कमा पा रही है।
साथियों के मुकाबले पिछड़ती स्थिति
टाइल्स सेक्टर में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। Varmora Granito का वर्किंग कैपिटल साइकिल 96 दिन का है, जो कि दिग्गज कंपनियों Kajaria Ceramics (64 दिन) और Somany Ceramics (42 दिन) के मुकाबले काफी धीमा है। वहीं, 60.7x का P/E वैल्युएशन भी महंगा लग रहा है, खासकर तब जब कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 2023 से 2026 के बीच केवल 2.6% CAGR रही है।
ऑपरेशनल जोखिम
कंपनी का सारा काम गुजरात के Morbi क्लस्टर पर केंद्रित है। यहां फ्यूल कॉस्ट (नेचुरल गैस और प्रोपेन) का खर्च कुल इनकम का 21% से ज्यादा है। गैस की कीमतों में किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ेगा। आगे चलकर कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे कर्ज कम करने के साथ अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को कितना सुधार पाते हैं।
