Varmora Granito के IPO का प्राइस बैंड **₹140-₹148** तय किया गया है, जो हालिया प्री-आईपीओ निवेशकों द्वारा चुकाई गई **₹204.59** की कीमत से लगभग **28%** कम है।
वैल्यूएशन में भारी अंतर
Varmora Granito के आगामी IPO ने प्राइवेट मार्केट और पब्लिक मार्केट के वैल्यूएशन के बीच के बड़े अंतर को उजागर कर दिया है। कंपनी ने प्राइस बैंड ₹140 से ₹148 के बीच रखा है, जो अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान 82 प्री-आईपीओ निवेशकों द्वारा निवेश किए गए ₹204.59 प्रति शेयर के मुकाबले 28% कम है। इन निवेशकों में प्रमोटर ग्रुप, Vidres India Ceramics और NovaaOne Capital शामिल हैं, जिन्होंने 56 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे थे। फिलहाल, इनमें से कोई भी ऑफर-फॉर-सेल (OFS) में हिस्सा नहीं ले रहा है।
कर्ज घटाने की रणनीति
₹708 करोड़ के इस इश्यू में Carlyle Group इकलौता सेलिंग शेयरहोल्डर है, जो अपनी हिस्सेदारी का हिस्सा बेच रहा है। Carlyle के पास अभी 33.2% हिस्सेदारी है और उसने 2022 में लगभग ₹640 करोड़ का निवेश किया था। इस IPO में ₹320 करोड़ का फ्रेश इश्यू भी शामिल है, जिसमें से कंपनी ₹245 करोड़ का इस्तेमाल अपनी सहायक कंपनियों के कर्ज को चुकाने में करेगी।
फाइनेंशियल हेल्थ
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,512.46 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 4.6% अधिक है। नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹55.09 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि प्रॉफिट मार्जिन 2.06% से सुधरकर 3.53% हो गया है। हालांकि, मोरबी (Morbi) स्थित टाइल इंडस्ट्री में भारी प्रतिस्पर्धा और कमोडिटी जैसे नेचर के कारण मुनाफे पर दबाव बना रहता है, जिसे देखते हुए निवेशकों को कंपनी की भविष्य की कैश-फ्लो स्थिति पर नजर रखनी होगी।
