Varmora Granito का ₹708 करोड़ का IPO आज से खुल गया है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में करेगी, लेकिन इसका 60.7x का वैल्यूएशन और सुस्त ग्रोथ निवेशकों के लिए चिंता का सबब बन सकती है।
टाइल और बाथवेयर सेक्टर की कंपनी Varmora Granito का ₹708 करोड़ का IPO निवेश के लिए खुल चुका है। इस इश्यू में ₹320 करोड़ के नए शेयर (Fresh Issue) जारी किए जाएंगे, जिसका इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज कम करने में करेगी, जबकि ₹388 करोड़ के शेयर पुराने प्रमोटर्स द्वारा Offer For Sale (OFS) के जरिए बेचे जाएंगे।
महंगी वैल्यूएशन और कॉम्पिटिशन
कंपनी FY26 के आंकड़ों के आधार पर 60.7x की अर्निंग मल्टीपल पर वैल्यूएशन मांग रही है। निवेशकों को इसे Kajaria Ceramics और Somany Ceramics जैसी दिग्गज कंपनियों से तुलना करके देखना होगा। बड़ी कंपनियों का ट्रैक रिकॉर्ड और मार्केट प्रेजेंस काफी मजबूत है, ऐसे में क्या Varmora का प्रीमियम वाजिब है, यह बड़ा सवाल है।
ऑपरेशनल रिस्क और चुनौतियां
कंपनी के 12 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जो मुख्य रूप से गुजरात के मोरबी क्लस्टर में स्थित हैं। इस केंद्रीकृत मॉडल की वजह से फ्यूल-प्राइस में आने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर मुनाफे पर पड़ता है। FY26 में पावर और फ्यूल पर कंपनी का खर्च कुल इनकम का 21.1% रहा है।
वर्किंग कैपिटल का पेच
कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल 96 दिन का है, जो Kajaria Ceramics (64 दिन) और Somany Ceramics (42 दिन) के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसका मतलब है कि कंपनी का काफी पैसा कामकाज में ही फंसा रहता है।
ग्रोथ का धीमा रफ्तार
FY23 से FY26 के बीच कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ महज 2.6% रही है। क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) पर खर्च करने के बावजूद इसका रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) केवल 9.9% है। भविष्य में निवेशकों को यह देखना होगा कि कर्ज कम होने के बाद क्या कंपनी का कैश फ्लो और मार्जिन में सुधार आता है या नहीं।
