Vaibhav Vyapaar का SME IPO 13 अक्टूबर से 15 अक्टूबर, 2026 तक खुला रहेगा। NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर आने वाले इस IPO के जरिए कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने की योजना बना रही है।
RBI रजिस्टर्ड NBFC, Vaibhav Vyapaar अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रही है। NSE Emerge पर यह इश्यू 13 अक्टूबर, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 15 अक्टूबर तक निवेशक इसमें पैसा लगा सकेंगे। कंपनी ने इसके लिए प्राइस बैंड ₹50 से ₹52 प्रति शेयर तय किया है। कुल ₹40.54 करोड़ जुटाने के लक्ष्य वाला यह पूरा इश्यू 'फ्रेश इश्यू' के तौर पर आएगा, जिसका मकसद कंपनी की लेंडिंग कैपेसिटी को बढ़ाना है।
बिजनेस मॉडल और ग्रोथ
यह कंपनी 'LoanFront' डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म चलाती है, जो सैलरीड और सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों को बिना किसी सिक्योरिटी (Unsecured Personal Loans) के कर्ज मुहैया कराता है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने लेंडिंग बुक को बढ़ाने और कामकाज को डिजिटल रूप से और तेज करने में करेगी।
फाइनेंशियल सेहत और जोखिम
FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹36.80 से ₹37.64 करोड़ के बीच रहा, जबकि नेट प्रॉफिट ₹1.97 करोड़ के आसपास दर्ज किया गया। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अनसेक्योर्ड लोन देने के कारण इसमें डिफॉल्ट का जोखिम ज्यादा रहता है, जो आगे चलकर NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) बढ़ा सकता है। साथ ही, कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 1.6x है, जो बताता है कि कंपनी ग्रोथ के लिए काफी हद तक उधार ली गई पूंजी पर निर्भर है।
टेक पर निर्भरता
एक डिजिटल-फर्स्ट लेंडर होने के नाते, Vaibhav Vyapaar क्रेडिट स्कोरिंग और कलेक्शन जैसी सेवाओं के लिए थर्ड-पार्टी टेक्नोलॉजी वेंडर्स पर निर्भर है। किसी भी तकनीकी खराबी या पार्टनर की सेवाओं में बाधा का सीधा असर कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर पड़ सकता है।
शेयरों का अलॉटमेंट होने के बाद, कंपनी की लिस्टिंग 21 अक्टूबर, 2026 को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर होने की उम्मीद है।
