डिजिटल लेंडर Vaibhav Vyapaar का **₹42.1 करोड़** का IPO **3.08 गुना** सब्सक्राइब होकर 15 अक्टूबर को बंद हो गया है। कंपनी अब शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया में है और **21 अक्टूबर** को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर इसकी धमाकेदार लिस्टिंग होगी।
बाजार की कैसी रही प्रतिक्रिया?
डिजिटल लेंडर, जो 'LoanFront' प्लेटफॉर्म चलाता है, ने ₹42.1 करोड़ के IPO के जरिए निवेशकों को आकर्षित किया। सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर डालें तो नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने सबसे ज्यादा उत्साह दिखाया और अपने कोटे को 7 गुना भरा। वहीं, रिटेल निवेशकों का सब्सक्रिप्शन 2.7 गुना और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा 1.6 गुना भरा गया। इश्यू खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर बुक के जरिए ₹11.88 करोड़ जुटा लिए थे, जिसमें Getfive Opportunity Fund और Tiger Strategies Fund जैसे नाम शामिल थे।
क्यों जुटाया जा रहा है फंड?
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि IPO से मिलने वाली रकम में से करीब ₹32 करोड़ का इस्तेमाल कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुपालन के लिए बेहद जरूरी है। RBI के मुताबिक, NBFCs के लिए न्यूनतम कैपिटल-टू-रिस्क-वेटेड-एसेट्स रेश्यो (CRAR) 15% होना चाहिए, जबकि Vaibhav Vyapaar का वर्तमान CRAR 43.80% है, जो एक मजबूत बफर प्रदान करता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
Vaibhav Vyapaar का मुख्य बिजनेस अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन का है। चूँकि यह लेंडिंग बिना किसी कोलैटरल के होती है, इसलिए इसमें रिस्क बना रहता है। साथ ही, NSE Emerge एक SME प्लेटफॉर्म है, इसलिए वहां लिक्विडिटी और उतार-चढ़ाव मुख्य बोर्ड की तुलना में अलग हो सकते हैं। अलॉटमेंट को अंतिम रूप 16 अक्टूबर तक दिया जाएगा, जिसके बाद निवेशक स्टेटस चेक कर सकेंगे।
