शेयर बाजार में Tempsens Instruments (India) की धमाकेदार एंट्री हुई है। 28 अगस्त, 2026 को कंपनी के शेयर **111%** के भारी उछाल के साथ लिस्ट हुए।
लिस्टिंग का जलवा
Tempsens Instruments (India) ने भारतीय शेयर बाजार में अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी के शेयर BSE पर ₹631.20 और NSE पर ₹634.00 पर ओपन हुए। ₹300 के इश्यू प्राइस की तुलना में यह करीब 111% का प्रीमियम है। इस साल के सबसे सफल डेब्यु में से एक माने जा रहे इस IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था।
IPO के आंकड़े और डिमांड
कंपनी का ₹650 करोड़ का पब्लिक इश्यू कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 302.88 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का हिस्सा 314.44 गुना भरा था। एंकर निवेशकों से कंपनी ने लिस्टिंग से पहले ही ₹194.55 करोड़ जुटा लिए थे।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
उदयपुर स्थित यह कंपनी टेम्परेचर सेंसिंग सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिकल हीटिंग एलिमेंट्स और स्पेशलाइज्ड केबल्स बनाने के काम में लगी है। इसका उपयोग स्टील, पेट्रोकेमिकल्स और ऑटोमोटिव जैसे क्षेत्रों में होता है। IPO से मिली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के विस्तार और कर्ज कम करने में करेगी।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Monitorables)
बाजार की तेजी के बीच निवेशकों को कंपनी के कुछ पहलुओं पर नजर रखनी चाहिए:
- रेवेन्यू पैटर्न: कंपनी का बिजनेस काफी हद तक प्रोजेक्ट-आधारित और OEM ऑर्डर्स पर निर्भर है, जिससे रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
- कच्चा माल: रॉ मटीरियल की कीमतों में अस्थिरता का सीधा असर प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है।
- कैपेसिटी यूटिलाइजेशन: फिलहाल कंपनी की क्षमता का उपयोग 41-42% के आसपास है। आने वाले समय में कंपनी इस क्षमता का बेहतर उपयोग कैसे करती है, यह शेयर की भविष्य की चाल तय करेगा।
