Tempsens Instruments IPO: आज खुला ₹650 करोड़ का इश्यू, ₹300 तक जा सकती है कीमत

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tempsens Instruments IPO: आज खुला ₹650 करोड़ का इश्यू, ₹300 तक जा सकती है कीमत

Tempsens Instruments (India) Ltd का ₹650 करोड़ का IPO आज, 20 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और 24 अगस्त तक खुला रहेगा। Geojit Financial Services ने 'सब्सक्राइब' की सलाह दी है, लेकिन निवेशकों को ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के बड़े हिस्से और प्रीमियम वैल्यूएशन पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी IPO से मिले पैसों का इस्तेमाल कर्ज घटाने के लिए करेगी।

आज से खुला IPO, ₹285-300 है प्राइस बैंड

Tempsens Instruments (India) Ltd ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च कर दिया है। निवेशक 20 अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक इसमें बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति इक्विटी शेयर तय किया है। जो निवेशक अप्लाई करना चाहते हैं, उन्हें कम से कम 50 शेयरों के लिए बिड करना होगा, इसके बाद 50 के मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं।

इश्यू का साइज और डेट रिपेमेंट

यह पूरा इश्यू ₹650 करोड़ का है। इसमें ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹555 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम में से करीब ₹55 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को चुकाने के लिए करेगी। इससे कंपनी को ब्याज खर्च में कमी आने की उम्मीद है, जो उसकी बैलेंस शीट को मजबूत कर सकता है।

कंपनी का बिजनेस और ग्लोबल प्रेजेंस

साल 1990 में स्थापित, यह कंपनी थर्मल इंजीनियरिंग और स्पेशलाइज्ड केबल सॉल्यूशंस बनाती है। Tempsens Instruments का बिजनेस ग्लोबल है और यह 80 से अधिक देशों में 1,000 से ज्यादा ग्राहकों को अपनी सेवाएं देती है। कंपनी की UAE, जर्मनी और पोलैंड जैसे देशों में भी अच्छी खासी मौजूदगी है।

ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन

Geojit Financial Services ने इस IPO को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है, जो कंपनी के लंबे समय से चले आ रहे कस्टमर रिलेशनशिप और ग्लोबल ऑपरेशन को देखते हुए है। हालांकि, एनालिस्ट्स ने यह भी कहा है कि यह इश्यू प्रीमीयम वैल्यूएशन पर आया है। कंपनी का ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल करीब 35x है, जो इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए ज्यादा माना जा रहा है।

किन बातों का रखें ध्यान?

निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि IPO का बड़ा हिस्सा यानी ₹555 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) से आ रहा है। इसका मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, न कि कंपनी विस्तार के लिए पैसा जुटा रही है। इसके अलावा, कंपनी के सामने ऑपरेशनल रिस्क भी हैं, जैसे कि उसके उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा उदयपुर प्लांट में केंद्रित है और वह विशिष्ट इंडस्ट्री साइकल्स पर निर्भर है।

लिस्टिंग की उम्मीद

शेयरों के NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद 28 अगस्त 2026 तक है। निवेशक बोली अवधि के दौरान रिटेल, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन लेवल पर नजर रख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.