Tempsens Instruments के IPO में दांव लगाने वाले निवेशकों के लिए खुशखबरी है। **28 अगस्त, 2026** को होने वाली लिस्टिंग में ग्रे मार्केट के संकेत **100%** से ज्यादा के मुनाफे की ओर इशारा कर रहे हैं।
लिस्टिंग का दिन और मार्केट का मूड
Tempsens Instruments (India) Ltd 28 अगस्त, 2026 को शेयर बाजार में अपनी शुरुआत करने जा रही है। कंपनी का ₹650 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा है, जिसके चलते इसे कुल 184.07 गुना सब्सक्राइब किया गया। ग्रे मार्केट में चल रही हलचल को देखते हुए, शेयर अपने ₹300 के इश्यू प्राइस से 100% से ज्यादा के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है।
जबरदस्त रिस्पॉन्स
IPO को मिले भारी रिस्पॉन्स का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि QIB कैटेगरी में 302.88 गुना और NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स) कैटेगरी में 314.44 गुना बोलियां मिली हैं। कंपनी का मुख्य बिजनेस टेंपरेचर सेंसिंग, इलेक्ट्रिक हीटिंग और स्पेशलाइज्ड केबलिंग सॉल्यूशंस में है, जिस पर निवेशकों ने अपना भरोसा जताया है।
फाइनेंशियल सेहत और रिस्क फैक्टर
कंपनी ने FY26 में ₹455.86 करोड़ का रेवेन्यू और ₹71.07 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.15 है, जो बताता है कि कंपनी कर्ज पर बहुत कम निर्भर है। साथ ही, 21.61% का RoCE इसकी बेहतरीन कैपिटल मैनेजमेंट क्षमता को दर्शाता है।
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- वर्किंग कैपिटल का दबाव: कंपनी के वर्किंग कैपिटल डेज FY24 के 152 दिन से बढ़कर FY26 में 210 दिन हो गए हैं, जो कैश फ्लो पर असर डाल सकते हैं।
- वैल्यूएशन: इसका P/E मल्टीपल 35.4x है, जिसे कुछ एनालिस्ट पूरी तरह से 'फुली प्राइस्ड' मान रहे हैं।
- कंटिनजेंट लायबिलिटीज: कंपनी की एक सब्सिडियरी से जुड़ी लायबिलिटीज इसके FY26 के मुनाफे का लगभग 15.5% हैं।
लिस्टिंग के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शेयर अपने प्रीमियम को होल्ड कर पाता है या बढ़ती वर्किंग कैपिटल की वजह से इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
