Technocraft Ventures IPO: ₹252 करोड़ का पब्लिक इश्यू 7 अगस्त से खुलेगा, प्राइस बैंड ₹200-212

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Technocraft Ventures IPO: ₹252 करोड़ का पब्लिक इश्यू 7 अगस्त से खुलेगा, प्राइस बैंड ₹200-212

Noida-आधारित EPC कंपनी Technocraft Ventures अपना ₹252 करोड़ का IPO 7 अगस्त को लॉन्च कर रही है। इस इश्यू का प्राइस बैंड ₹200 से ₹212 प्रति शेयर तय किया गया है। IPO के लिए सब्सक्रिप्शन 11 अगस्त तक खुला रहेगा।

Technocraft Ventures IPO: बाजार में दस्तक

इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेक्टर में पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने वाली Technocraft Ventures लिमिटेड जल्द ही शेयर बाजार में कदम रखने वाली है। कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 7 अगस्त, 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 11 अगस्त तक चलेगा। इस इश्यू के लिए कंपनी ने ₹200 से ₹212 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड रखा है।

IPO का स्ट्रक्चर और फंड का इस्तेमाल

इस पब्लिक इश्यू में 95.05 लाख इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर Kartikey Constructions द्वारा 23.76 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग 6 अगस्त को होगी। कंपनी इस फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम में से ₹150 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी, जबकि बाकी फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और IPO से जुड़े खर्चों को पूरा करने में किया जाएगा।

दमदार ऑर्डर बुक और वित्तीय ग्रोथ

15 जुलाई, 2026 तक Technocraft Ventures के पास ₹1,320.73 करोड़ का ऑर्डर बुक था, जिसमें 19 एक्टिव प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी ग्रोथ देखने को मिली है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹344.99 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹279.56 करोड़ की तुलना में बेहतर है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी पिछले साल के ₹28.20 करोड़ से बढ़कर ₹43.32 करोड़ हो गया है।

कंपनी का बिजनेस और विस्तार योजना

Technocraft Ventures की स्थापना 1998 में हुई थी और तब से यह पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सड़कें, हाईवे, जल प्रबंधन और इलेक्ट्रिकल ट्रांसमिशन सिस्टम पर काम कर रही है। कंपनी के क्लाइंट्स में मुख्य रूप से राज्य सरकारें और सरकारी एजेंसियां शामिल हैं। फिलहाल कंपनी का फोकस उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और दिल्ली में है, लेकिन अब यह मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में भी विस्तार करने की योजना बना रही है।

एक EPC कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर, कंपनी का प्रदर्शन सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स के समय पर एग्जीक्यूशन और राज्य एजेंसियों से फंड की उपलब्धता पर निर्भर करता है। निवेशक कंपनी की वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट क्षमता पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि यह नए राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ा रही है। IPO के बाद कंपनी के शेयर BSE और NSE दोनों पर लिस्ट होने की उम्मीद है। Khambatta Securities इस इश्यू के लीड मैनेजर हैं और Bigshare Services रजिस्ट्रार हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.