तेलंगाना स्थित Techno Paints ने ₹500 करोड़ के आईपीओ (IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर फाइल किए हैं। इसमें ₹325 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹175 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। कंपनी इस राशि का उपयोग अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने में करेगी।
आईपीओ की बारीकियां
Technopaints and Chemicals ने SEBI के पास शुरुआती दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इस ₹500 करोड़ के इश्यू में प्रमोटर्स अकुरी श्रीनिवास रेड्डी और ए संध्या अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे। कंपनी ₹65 करोड़ तक का प्री-आईपीओ प्लेसमेंट भी जुटाने पर विचार कर रही है, जिससे फ्रेश इश्यू का आकार कम हो सकता है।
विस्तार की योजना
कंपनी फिलहाल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के लिए टर्नकी पेंटिंग सॉल्यूशंस देती है, जिसमें Prestige Group और APR Group जैसे बड़े नाम क्लाइंट्स में शामिल हैं। आईपीओ से मिलने वाली रकम से कंपनी तेलंगाना में एक नया ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब बनाएगी। इस प्लांट के जरिए पाउडर पेंट्स की क्षमता 234,000 MTPA और लिक्विड पेंट्स की क्षमता 31,200 KLPA तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹37.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹16.65 करोड़ था। ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 68.4% की जोरदार उछाल देखी गई और यह ₹350.5 करोड़ पहुंच गया। जुलाई 2026 तक कंपनी की ऑर्डर बुक ₹994.7 करोड़ की रही है, जो भविष्य के लिए मजबूत संकेत है।
बाजार की चुनौतियां और रिस्क
हालांकि कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसका बिजनेस सीधे तौर पर रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ा है। इसके अलावा, पेंट मार्केट में Asian Paints, Berger Paints और Kansai Nerolac जैसे दिग्गजों से इसे कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में शिफ्ट होने के कारण ऑपरेशनल रिस्क और कच्चे माल (कच्चे तेल की कीमतों) का असर भी कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है। इस आईपीओ को मैनेज करने की जिम्मेदारी Anand Rathi Advisors को दी गई है।
