TC Terrytex ने मार्केट में कदम रखने के लिए SEBI के पास Draft Red Herring Prospectus (DRHP) फाइल कर दिया है। इस IPO के जरिए कंपनी अपना ₹170 करोड़ का कर्ज कम करने का इरादा रखती है। कुल जुटाई जाने वाली रकम में से ₹120 करोड़ सीधे बकाया कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होंगे। फिलहाल कंपनी पर ₹170.9 करोड़ का कर्ज है।
यह कंपनी मुख्य तौर पर बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मॉडल पर काम करती है और कॉटन-बेस्ड होम टेक्सटाइल प्रोडक्ट बनाती है। TC Terrytex विदेश के बाजारों, खासकर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के लिए टेरी टॉवेल (Terry Towel) बनाती है, जिनसे उसकी 50-60% आमदनी होती है। वहीं, डोमेस्टिक मार्केट में कंपनी डाइड यार्न (Dyed Yarn) का कारोबार भी करती है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पंजाब के डेरा बस्सी में स्थित है।
अगर बात करें कंपनी के फाइनेंसियल परफॉरमेंस की, तो सितंबर 2025 तक के छह महीनों में TC Terrytex ने ₹324.5 करोड़ का रेवेन्यू और ₹7.8 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया। फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में कंपनी का रेवेन्यू ₹673.5 करोड़ रहा, जो FY24 के ₹654.4 करोड़ से थोड़ा ज़्यादा है। मुनाफे की बात करें तो FY25 में यह ₹17 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹13.4 करोड़ से 26.5% ज़्यादा है। FY24 में EBITDA मार्जिन 8.1% और PAT मार्जिन 2.13% था।
हालांकि, TC Terrytex के लिए यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय शेयर बाजार में IPO की स्थिति काफी मुश्किल भरी है। इस फाइनेंशियल ईयर में लिस्ट हुई लगभग 66% कंपनियों के शेयर अपने इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों का भरोसा जीतना और सही वैल्यूएशन पाना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
इंडियन होम टेक्सटाइल मार्केट वैसे तो काफी बड़ा है और आने वाले समय में इसके 7% से 10% तक सालाना बढ़ने का अनुमान है। लेकिन, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, कड़ी प्रतिस्पर्धा और सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) की बढ़ती मांग जैसी चुनौतियाँ भी मौजूद हैं।