Symbiotec Pharmalab का IPO आज तीसरे दिन भी निवेशकों के रडार पर बना हुआ है। कंपनी ने अब तक कुल **2.65 गुना** सब्सक्रिप्शन हासिल कर लिया है, जबकि **27 अगस्त** को यह इश्यू बंद होने वाला है।
बाजार की कैसी है हलचल?
Symbiotec Pharmalab के IPO में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। एक्सचेंज से मिले आंकड़ों के मुताबिक, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की कैटेगरी में 4.68 गुना और रिटेल कैटेगरी में 2.96 गुना की भारी भागीदारी देखी गई है। कंपनी ने अपने शेयर का प्राइस बैंड ₹938 से ₹988 के बीच रखा है और इस IPO के जरिए कुल ₹1,757 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है।
फाइनेंशियल हेल्थ और बैकग्राउंड
कंपनी ने IPO से पहले एंकर राउंड के जरिए ₹526.2 करोड़ जुटाए थे। एक CDMO प्लेयर के तौर पर, कंपनी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) सेगमेंट में काम करती है और US FDA और EU-GMP जैसे ग्लोबल स्टैंडर्ड्स का पालन करती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें, तो कंपनी की इनकम ₹872.26 करोड़ रही है, जबकि EBITDA मार्जिन 26.59% और नेट प्रॉफिट ₹109.90 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, निवेशकों की नजर कंपनी के 9.48% के RoNW पर भी है।
IPO का गणित और कर्ज का बोझ
इन्वेस्टर्स के लिए इस IPO का स्ट्रक्चर समझना बेहद जरूरी है। कुल ₹1,757 करोड़ के इश्यू साइज में से ₹1,607 करोड़ का हिस्सा ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, यानी पैसा सीधे मौजूदा शेयरहोल्डर्स के पास जाएगा। फ्रेश इश्यू मात्र ₹150 करोड़ का है, जिसमें से ₹112.50 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी अपना कर्ज चुकाने में करेगी।
साफ है कि कंपनी पर बना हुआ कर्ज और OFS की बड़ी हिस्सेदारी पर निवेशकों की पैनी नजर है। अब देखना यह होगा कि क्लोजिंग डे तक सब्सक्राइबर्स का मूड कैसा रहता है। कंपनी के शेयर 1 सितंबर 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है।
