Swastika Infra का **₹161 करोड़** का IPO क्लोज हो गया है। इसे निवेशकों से **2.09 गुना** सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी अब **30 सितंबर** को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही है।
आंकड़ों की जुबानी
Swastika Infra का IPO 25 सितंबर को बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के डेटा के मुताबिक, 6.3 मिलियन शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने 13.2 मिलियन शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने अपने हिस्से को 3.31 गुना भरा, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 2.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने शेयरों का प्राइस बैंड ₹175-185 तय किया था।
फंड का क्या होगा इस्तेमाल?
कंपनी इस ₹161 करोड़ के इश्यू से मिली राशि में से ₹90 करोड़ का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। पावर EPC सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट बहुत अहम होता है, क्योंकि प्रोजेक्ट्स के पेमेंट साइकल अक्सर लंबे होते हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपने ऑर्डर बुक को कैसे निष्पादित करती है, क्योंकि देरी होने पर कैश फ्लो पर दबाव पड़ सकता है।
IPO से पहले कंपनी ने 6 एंकर निवेशकों से ₹48.26 करोड़ जुटाए थे, जिनमें Shine Star Build-Cap, Minerva Ventures और Longthrive Capital VCC शामिल हैं।
लिस्टिंग और आगे की राह
Swastika Infra के शेयर 30 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। ग्रे मार्केट (GMP) के अनौपचारिक संकेतों को देखें तो शेयर 5% या ₹9 प्रति शेयर के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, ग्रे मार्केट के आंकड़े सिर्फ सट्टेबाजी पर आधारित हो सकते हैं, इसलिए कंपनी के फंडामेंटल्स पर नजर रखना जरूरी है। भविष्य में प्रोजेक्ट्स की समय पर डिलीवरी और रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मुनाफे को तय करेंगे।
