IPO में क्यों दिखी इतनी दिलचस्पी?
Kissht के IPO में निवेशकों की दिलचस्पी इसके स्केलेबल डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म, बढ़ते AUM (Assets Under Management) और विशाल कस्टमर बेस से प्रेरित है, जैसा कि ब्रोकरेज फर्म्स ने भी उजागर किया है।
संस्थागत निवेशकों का बड़ा दांव
IPO के Day 3 तक पूरी तरह सब्सक्राइब होने में क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (QIB) सेगमेंट का ओवरसब्सक्राइब होना एक बड़ा कारण रहा। Anchor Book में HDFC Mutual Fund और ICICI Prudential Mutual Fund जैसे प्रमुख म्यूचुअल फंड्स के साथ-साथ Goldman Sachs, Citigroup और WhiteOak Capital जैसे ग्लोबल निवेशकों की भागीदारी ने IPO में जान फूंकी।
रिटेल और NII की भी भागीदारी
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (NII) सेगमेंट में भी लगातार डिमांड बनी रही, जबकि रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी धीरे-धीरे बढ़ती हुई Day 3 तक IPO को पूरी तरह सब्सक्राइब कराने में कामयाब रही।
कंपनी का प्रदर्शन
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स की भागीदारी अक्सर लंबे समय के निवेशक इंटरेस्ट का संकेत मानी जाती है। संस्थागत समर्थन और सभी सेगमेंट में बढ़ती भागीदारी, इस IPO के लिए ब्रॉड-बेस्ड डिमांड को दर्शाती है।
कंपनी ने अपने AUM में जोरदार ग्रोथ दिखाई है, जो FY23 के ₹12,679 मिलियन से बढ़कर 9MFY26 तक ₹59,557 मिलियन हो गया है। साथ ही, कस्टमर बेस 11 मिलियन से ज्यादा बढ़ गया है।
IPO की कीमत ₹162 से ₹171 प्रति शेयर के बैंड में तय की गई है और यह 5 मई, 2026 तक खुला रहेगा।
