ऑटोमेटेड कार पार्किंग सॉल्यूशंस देने वाली कंपनी Sotefin Bharat अपना ₹90 करोड़ का IPO 16 जुलाई को लॉन्च करने जा रही है। इस फंड का इस्तेमाल कोलकाता में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने और वर्किंग कैपिटल के लिए किया जाएगा। कंपनी अपनी प्रोडक्शन को इन-हाउस करने की योजना बना रही है ताकि इंपोर्ट पर निर्भरता कम हो सके।
Sotefin Bharat का IPO जल्द आ रहा है!
ऑटोमेटेड कार पार्किंग (Automated Car Parking) सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी Sotefin Bharat अब कैपिटल मार्केट में कदम रखने के लिए तैयार है। कंपनी ₹89.76 करोड़ का अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) ला रही है। इस पब्लिक इश्यू के लिए सब्सक्रिप्शन 16 जुलाई को खुलेगा और 20 जुलाई को बंद होगा। वहीं, एंकर निवेशकों (Anchor Investors) के लिए 15 जुलाई को मौका मिलेगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड ₹178 से ₹187 प्रति इक्विटी शेयर तय किया है। यह इश्यू पूरी तरह से फ्रेश शेयर्स (Fresh Shares) का है।
फंड का इस्तेमाल कैसे होगा?
IPO से जुटाई गई रकम का मुख्य इस्तेमाल कंपनी के विस्तार (Expansion) और ऑपरेशनल स्केलिंग (Operational Scaling) के लिए किया जाएगा। कंपनी के फाइलिंग्स के अनुसार, ₹20.12 करोड़ का उपयोग कोलकाता में एक नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (Manufacturing Plant) स्थापित करने के लिए किया जाएगा, जबकि ₹8.17 करोड़ नए ऑफिस बनाने में लगेंगे। एक बड़ी राशि, यानी ₹40 करोड़, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए रखी गई है। बाकी बचे फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) के लिए होगा।
इन-हाउस प्रोडक्शन की ओर स्ट्रैटेजिक कदम
फिलहाल, Sotefin Bharat कई जरूरी इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कंपोनेंट्स (Electro-mechanical Components) के लिए यूरोपीय सप्लायर्स जैसे Leuze Electronic और Nord Drivesystems पर निर्भर है। कोलकाता में नया प्लांट स्थापित करके, कंपनी का लक्ष्य महत्वपूर्ण रोबोटिक कंपोनेंट्स (Robotic Components) का प्रोडक्शन खुद करना है। इस स्ट्रैटेजिक बदलाव का मकसद इंपोर्ट पर निर्भरता को कम करना है, जिससे सप्लाई चेन पर बेहतर कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) बढ़ सकती है।
वित्तीय ग्रोथ और ऑपरेशनल बैकग्राउंड
वित्तीय वर्ष 2026 (Financial Year 2026) के अंत तक, कंपनी ने ₹17.4 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 53.6% की बढ़ोतरी है। इसी अवधि में रेवेन्यू (Revenue) ₹116.7 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 24.5% बढ़ा है। कंपनी वर्तमान में स्विट्जरलैंड की Sotefin SA के साथ टेक्निकल पार्टनरशिप (Technical Partnership) के तहत काम कर रही है, जो उसकी पार्किंग सॉल्यूशंस के लिए टेक्नोलॉजी प्रदान करती है। कंपनी का मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग बेस पश्चिम बंगाल के हावड़ा में स्थित है।
चूंकि यह इश्यू BSE SME प्लेटफॉर्म पर है, निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि इन स्टॉक्स में मेनबोर्ड लिस्टिंग की तुलना में लिक्विडिटी (Liquidity) अलग हो सकती है। प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की सफलता और कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता प्रोजेक्ट के सफल एग्जीक्यूशन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ऑटोमेटेड पार्किंग टेक्नोलॉजी की डिमांड पर निर्भर करेगी। सब्सक्रिप्शन अवधि 20 जुलाई को समाप्त होने के बाद, शेयर अलॉटमेंट (Share Allotment) 21 जुलाई तक होने की उम्मीद है, और स्टॉक 23 जुलाई को BSE SME प्लेटफॉर्म पर ट्रेड करना शुरू कर देगा। निवेशक कोलकाता प्लांट के कमीशनिंग की प्रगति और रोबोटिक कंपोनेंट्स की प्रोक्योरमेंट स्ट्रेटेजी (Procurement Strategy) में बदलाव से जुड़े किसी भी भविष्य के अपडेट पर नजर रख सकते हैं।
