Sona Selection India की शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत हुई है। कंपनी का शेयर **₹99** के इश्यू प्राइस के मुकाबले **₹102** पर लिस्ट हुआ, जो कि निवेशकों के लिए महज **3%** का रिटर्न है।
बाजार में सुस्त शुरुआत
Sona Selection India ने आज शेयर बाजार में अपनी एंट्री की। BSE पर शेयर ₹102 और NSE पर ₹102.31 पर ओपन हुआ। लिस्टिंग के समय का यह ठंडा रिस्पॉन्स ग्रे मार्केट में दिख रही सतर्कता के अनुरूप ही रहा है।
IPO फंड का इस्तेमाल और रणनीति
कंपनी ने इस IPO के जरिए ₹141.57 करोड़ जुटाए हैं, जो पूरी तरह से नए शेयर जारी करके जुटाए गए थे। इसमें से ₹80 करोड़ का उपयोग कंपनी अपना कर्ज कम करने में करेगी, जिससे ब्याज का बोझ घटने की उम्मीद है। इसके अलावा, ₹50.61 करोड़ नई मशीनरी खरीदने पर खर्च किए जाएंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस निवेश का मकसद केवल एफिशिएंसी सुधारना है, न कि प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाना, जो फिलहाल 82.44 मिलियन मीटर सालाना पर स्थिर है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
लिस्टिंग प्राइस पर यह शेयर अपनी FY26 की अनुमानित कमाई के 12.24 गुना पर ट्रेड कर रहा है। Swastika Investmart समेत कई एनालिस्ट्स ने इसे लेकर कुछ चिंताएं जताई हैं:
- सिंगल फैसिलिटी रिस्क: कंपनी की पूरी मैन्युफैक्चरिंग एक ही प्लांट पर निर्भर है, जिससे प्रोडक्शन रुकने का बड़ा खतरा बना रहता है।
- मार्जिन्स और क्लाइंट कंसंट्रेशन: घटते हुए प्रॉफिट मार्जिन्स और कुछ ही बड़े क्लाइंट्स पर निर्भरता निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
अब देखना यह होगा कि कंपनी अपने नए फंड का इस्तेमाल करके फाइनेंशियल स्थिति को कैसे मजबूत करती है और क्या वे अपने क्लाइंट बेस को डायवर्सिफाई कर पाते हैं या नहीं।
