SoftBank से समर्थित B2B ई-कॉमर्स और फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म OfBusiness ने भारत में $800 मिलियन के IPO के लिए अपनी योजनाओं को फिर से शुरू कर दिया है। कंपनी साल 2026 के नवंबर तक शुरुआती दस्तावेज़ दाखिल कर सकती है।
IPO की राह फिर से खुली
OFB Tech के नाम से जानी जाने वाली OfBusiness, भारत में अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की योजनाओं को फिर से शुरू कर रही है। कंपनी का लक्ष्य लगभग $800 मिलियन जुटाना है, जो कि स्टॉक मार्केट में लिस्ट होने का एक नया प्रयास है। इस प्रक्रिया को संभालने के लिए, कंपनी Axis Capital, Morgan Stanley, JPMorgan Chase और Citigroup सहित प्रमुख बैंकों के एक कंसोर्टियम के साथ काम कर रही है। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जैसे शुरुआती दस्तावेज़ नवंबर 2026 तक दाखिल किए जा सकते हैं।
यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले बाज़ार की खराब स्थिति और आंतरिक पुनर्गठन के कारण IPO को रोक दिया गया था। वर्तमान योजना में नए शेयर जारी करके $200 मिलियन तक जुटाए जाने की उम्मीद है, जबकि मौजूदा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकते हैं।
वित्तीय प्रदर्शन और रणनीति
FY26 में कंपनी के वित्तीय नतीजों पर नज़र डालें तो, OfBusiness ने ₹20,645 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 7% कम है। हालांकि, इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 21% बढ़कर ₹724 करोड़ हो गया। यह दिखाता है कि कंपनी ने कम मार्जिन वाले बिज़नेस से बाहर निकलकर ज़्यादा मुनाफे वाले सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति अपनाई है। इस बदलाव के कारण, कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पिछले साल के 2.6% से सुधरकर 4% हो गया है।
Oxyzo का योगदान और जोखिम
OfBusiness एक हाइब्रिड बिज़नेस मॉडल पर काम करती है, जिसमें छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए कच्चे माल की खरीद के साथ-साथ फाइनेंसिंग समाधान भी शामिल हैं। इस इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इसका लेंडिंग आर्म, Oxyzo Financial Services है। Oxyzo ने ₹11,800 करोड़ के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) की रिपोर्ट दी है, जो इसके द्वारा दिए गए कुल ऋणों का मूल्य है। इसकी एसेट क्वालिटी स्थिर दिख रही है, जिसमें 0.75% का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो है।
हालांकि, कंपनी के बिज़नेस मॉडल में कमोडिटी बाज़ारों की चक्रीय प्रकृति से जुड़े जोखिम शामिल हैं। कंपनी धातु, रसायन और कृषि उत्पादों जैसे सामानों का व्यापार करती है, इसलिए इन कमोडिटीज़ की कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव सीधे मुनाफे को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, कंपनी को बड़े संगठित खिलाड़ियों और असंगठित स्थानीय व्यापारियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और फाइनेंसिंग व्यवसायों के एकीकरण के लिए सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता होती है, जो निष्पादन जोखिम (execution risk) पैदा करता है।
निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात आगामी रेगुलेटरी फाइलिंग होगी, जिससे कंपनी के कर्ज की संरचना, वैल्यूएशन की उम्मीदों और जुटाई गई धनराशि के उपयोग के बारे में अधिक स्पष्टता मिलेगी।
