Skyways Air Services IPO: ₹507 करोड़ जुटाएगी कंपनी, 24 अगस्त से खुलेगा सब्सक्रिप्शन

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Skyways Air Services IPO: ₹507 करोड़ जुटाएगी कंपनी, 24 अगस्त से खुलेगा सब्सक्रिप्शन

दिल्ली की लॉजिस्टिक्स कंपनी Skyways Air Services, 24 अगस्त 2026 को अपना ₹507 करोड़ का IPO लॉन्च करने जा रही है। इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से कर्ज घटाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। कंपनी ने मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में अपने नेट प्रॉफिट में 32% की वृद्धि दर्ज की है।

IPO की पूरी जानकारी

लॉजिस्टिक्स और एयर फ्रेट फॉरवर्डिंग फर्म Skyways Air Services, 24 अगस्त 2026 से जनता के लिए अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) खोलेगी। कंपनी इस इश्यू के जरिए कुल ₹507 करोड़ जुटाना चाहती है। इस ऑफर में फ्रेश इश्यू के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का हिस्सा भी शामिल होगा। एंकर निवेशक पोर्शन 21 अगस्त को खुलेगा, जबकि पब्लिक सब्सक्रिप्शन विंडो 27 अगस्त 2026 को बंद हो जाएगी।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस और फंड का इस्तेमाल

मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए Skyways Air Services ने ₹63.5 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 32% ज्यादा है। इसी अवधि में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹2,812.9 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹2,247.8 करोड़ था। यह लॉजिस्टिक्स एक्टिविटी में बढ़ोतरी को दर्शाता है।

फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का एक बड़ा हिस्सा कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। जून 2026 तक, कंपनी पर ₹504.65 करोड़ का स्टैंडअलोन कर्ज था, और उसकी सब्सिडियरी Forin Container Line पर ₹81.58 करोड़ का लोन था। कंपनी इस ₹216.78 करोड़ का इस्तेमाल इन बकाया उधारों को चुकाने या प्री-पे करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, ₹130 करोड़ वर्किंग कैपिटल की अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करने के लिए रखे गए हैं, जो फ्रेट फॉरवर्डिंग और वेयरहाउसिंग में कंपनी के रोजमर्रा के ऑपरेशन्स के लिए जरूरी हैं।

सेक्टर और ऑपरेशनल चुनौतियां

एयर और ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग स्पेस में काम करने वाली Skyways Air Services, लॉजिस्टिक्स सेक्टर की सामान्य चुनौतियों का सामना करती है। बिजनेस का प्रदर्शन ग्लोबल ट्रेड वॉल्यूम, सप्लाई चेन की स्थिरता और फ्यूल की कीमतों से काफी जुड़ा हुआ है। इन क्षेत्रों में कोई भी उतार-चढ़ाव लॉजिस्टिक्स कंपनियों के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि IPO में OFS कंपोनेंट शामिल है, जिसमें प्रमोटर यशपाल और तरुण शर्मा अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे।

इस इश्यू को Holani Consultants, Shannon Advisors, और Dolat Finserv जैसे मर्चेंट बैंकर मैनेज कर रहे हैं। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 1 सितंबर, 2026 को होने की उम्मीद है, जो अंतिम रेगुलेटरी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

निवेशकों के लिए अगले कदम

RHP फाइल होने के साथ, निवेशकों के लिए अगले महत्वपूर्ण अपडेट्स प्राइस बैंड और IPO के लिए मिनिमम लॉट साइज की घोषणा होगी। निवेशकों को इन डिटेल्स पर नजर रखनी चाहिए ताकि यह समझा जा सके कि शेयर किस वैल्यूएशन पर ऑफर किए जा रहे हैं। इसके अलावा, बिडिंग पीरियड के दौरान क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) और रिटेल निवेशकों जैसी विभिन्न कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन लेवल पर नजर रखने से मार्केट की डिमांड का पता चलेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.