Skytech Infinite IPO: निवेशकों के लिए अहम जानकारी और फाइनेंसियल डीटेल्स

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Skytech Infinite IPO: निवेशकों के लिए अहम जानकारी और फाइनेंसियल डीटेल्स

Skytech Infinite Platform Limited का SME IPO 14 अगस्त को खुलेगा। कंपनी ₹73-77 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर ₹22.68 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है। इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन फर्म इस पैसे का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल के लिए करेगी और NSE Emerge पर लिस्ट होगी।

IPO की तारीख और प्राइस बैंड

बेंगलुरु की Skytech Infinite Platform Limited अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रही है, जो 14 अगस्त 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी 29.45 लाख इक्विटी शेयर्स के फ्रेश इश्यू के जरिए ₹22.68 करोड़ जुटाएगी। यह ऑफर 18 अगस्त 2026 को बंद होगा।

IPO का प्राइस बैंड ₹73 से ₹77 प्रति शेयर रखा गया है। इसमें निवेश करने वाले इन्वेस्टर्स को कम से कम 1,600 शेयर्स के लॉट साइज में बिड करना होगा, जिसका मतलब है कि अपर प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश ₹1,23,200 होगा। कंपनी के शेयर्स के 21 अगस्त 2026 को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने की उम्मीद है।

कंपनी क्या करती है?

Skytech Infinite इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन सॉल्यूशंस प्रोवाइड करती है। कंपनी कंट्रोल पैनल और इंटीग्रेटेड सिस्टम्स के डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और मेंटेनेंस का काम करती है। IPO से मिलने वाले नेट प्रोसीड्स का इस्तेमाल कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इस फंड का मकसद बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करना और नए भौगोलिक क्षेत्रों व सेक्टर्स में विस्तार को बढ़ावा देना है।

फाइनेंसियल परफॉरमेंस

फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में कंपनी ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹52.14 करोड़ हो गई, जो पिछले साल के ₹45.21 करोड़ से 15.34% ज्यादा है। इसी तरह, कंपनी ने FY26 के लिए ₹4.20 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स दर्ज किया, जो FY25 के ₹3.71 करोड़ से अधिक है।

निवेश से जुड़े जोखिम

इन्वेस्टर्स को इस SME IPO से जुड़े कुछ जोखिमों को ध्यान में रखना चाहिए। SME IPO होने के कारण, मेनबोर्ड पर लिस्टेड बड़ी कंपनियों की तुलना में स्टॉक में लिक्विडिटी कम और प्राइस वोलेटिलिटी ज्यादा हो सकती है। कंपनी के बिजनेस मॉडल की बात करें तो, यह भौगोलिक रूप से कर्नाटक क्षेत्र पर काफी निर्भर है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक बदलावों का जोखिम है। इसके अलावा, कंपनी अपने प्रोडक्शन के लिए एक ही मैन्युफैक्चरिंग साइट पर निर्भर है। सप्लायर्स पर निर्भरता और सप्लाई चेन की लागत बढ़ने पर प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर भी नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.