Shiprocket के शेयरों में **6%** का उछाल आया है क्योंकि कंपनी का घाटा कम हुआ है। वहीं, Behari Lal Engineering के शेयर **2%** गिर गए हैं, हालांकि कंपनी ने **18%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।
Shiprocket: बेहतर होती परिचालन क्षमता
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में Shiprocket का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹592.1 करोड़ रहा। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का नेट लॉस 24% घटकर ₹13.7 करोड़ रह गया है। कंपनी का एडजस्टेड EBITDA भी पिछले साल के ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹8.9 करोड़ पर पहुंच गया है, जो बिजनेस की बढ़ती दक्षता को दर्शाता है।
हालांकि, कंपनी अभी भी विस्तार के दौर में है, इसलिए निवेशकों को यह देखना होगा कि नई उभरती हुई बिजनेस लाइन्स कब तक पूर्ण लाभ की स्थिति में आती हैं।
Behari Lal Engineering: शानदार नंबर्स के बावजूद दबाव
दूसरी तरफ, पंजाब की स्टील निर्माता कंपनी Behari Lal Engineering के नतीजे भी अच्छे रहे, लेकिन बाजार ने इसे सुस्त प्रतिक्रिया दी। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 24.5% बढ़कर ₹19.2 करोड़ और रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹151.7 करोड़ रहा। कंपनी की वैल्यूएशन अभी ₹1,974 करोड़ के आसपास है।
स्टॉक में गिरावट की मुख्य वजह प्रॉफिट-बुकिंग है। इसके अलावा, कंपनी के लिए रिस्क यह है कि उनका बड़ा बिजनेस केवल 10 प्रमुख ग्राहकों पर टिका है और उनके साथ कोई लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट नहीं है। साथ ही, Nifty और Sensex में 0.5% की कमजोरी ने भी हाल ही में लिस्ट हुए शेयरों पर दबाव बनाया है।
