फैशन दिग्गज Shein की शेयर बाजार में एंट्री बेहद खराब रही। लिस्टिंग के साथ ही शेयर **10%** गिरकर **HK$43.72** पर आ गए, जबकि इश्यू प्राइस **HK$48.56** रखा गया था। कंपनी को हुए **$99 मिलियन** के तिमाही घाटे और बढ़ते ग्लोबल रेगुलेटरी दबाव ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया है।
लिस्टिंग पर दिखा निराशा का माहौल
Shein ने हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज पर अपनी शुरुआत काफी कमजोर तरीके से की। कंपनी ने IPO के जरिए $1.7 बिलियन जुटाने में सफलता तो पाई, लेकिन बाजार का रिस्पॉन्स उम्मीद से कहीं ज्यादा ठंडा रहा। लिस्टिंग प्राइस HK$48.56 के मुकाबले शेयर HK$43.72 के आसपास ट्रेड करते दिखे। यह गिरावट कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की मुनाफे की क्षमता पर उठ रहे सवालों को दर्शाती है।
मुनाफे पर क्यों लगा ग्रहण?
कंपनी के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में बड़ा बदलाव दिखा है। साल 2023 की पहली तिमाही में $395 मिलियन का मुनाफा कमाने वाली Shein, साल 2026 की पहली तिमाही तक $99 मिलियन के नेट लॉस में पहुंच गई है। इसकी बड़ी वजह अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में 'de minimis' टैरिफ छूट का खत्म होना है। इस छूट के हटने से इंपोर्ट ड्यूटी और लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ़ गया है, जिसने सीधे तौर पर प्रॉफिट मार्जिन को निचोड़ दिया है।
वैल्यूएशन में भारी गिरावट
साल 2022 में कभी $100 बिलियन की वैल्यूएशन पर रहने वाली Shein आज $26 बिलियन के मार्केट कैप पर सिमट गई है। निवेशकों का कम उत्साह यह बताता है कि अब बाजार कंपनी की ग्रोथ को लेकर पहले जैसी उम्मीदें नहीं रख रहा है। साथ ही, यूरोप में सप्लाई चेन और प्रोडक्ट लीगलिटी को लेकर चल रही जांच ने भी अनिश्चितता का माहौल बना दिया है।
कड़ा मुकाबला और भविष्य की राह
बाजार में Temu और AliExpress जैसे राइवल्स से मिल रही कड़ी चुनौती ने Shein की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ये कंपनियां न केवल तेजी से मार्केट शेयर छीन रही हैं, बल्कि प्राइस वॉर के कारण Shein के लिए ग्राहकों पर बढ़ा हुआ लागत बोझ डालना भी मुश्किल हो गया है। अब निवेशकों की नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपनी सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स को नए वैश्विक व्यापार नियमों के हिसाब से ढालकर मुनाफे को दोबारा पटरी पर ला पाती है या नहीं।
