मुंबई की ज्वैलरी कंपनी Shankesh Jewellers 18 अगस्त 2026 को अपना IPO लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹370 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से मौजूदा कर्ज चुकाने और दिन-प्रतिदिन के बिजनेस संचालन में किया जाएगा। निवेशकों को कंपनी के कर्ज कम करने की योजना और थर्ड-पार्टी मैन्युफैक्चरर्स पर निर्भरता पर ध्यान देना चाहिए।
IPO से जुटाए पैसों का होगा ये इस्तेमाल:
Shankesh Jewellers 18 अगस्त 2026 को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लेकर आ रही है। कंपनी पब्लिक इन्वेस्टर्स से लगभग ₹370 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रख रही है। इस पब्लिक ऑफर के लिए सब्सक्रिप्शन 20 अगस्त तक खुला रहेगा। कंपनी जुटाए गए फंड का बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाकर अपनी फाइनेंशियल हेल्थ को सुधारने में इस्तेमाल करेगी।
कर्ज चुकाने पर फोकस:
फ्रेश इश्यू से ₹158 करोड़ कर्ज चुकाने के लिए रखे गए हैं। जून 2026 तक, कंपनी पर ₹162.94 करोड़ का बकाया कर्ज था और ₹167 करोड़ वर्किंग कैपिटल फैसिलिटीज का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस कर्ज का एक बड़ा हिस्सा चुकाने से कंपनी का इंटरेस्ट बर्डन कम होगा और बैलेंस शीट मजबूत होगी। इसके अलावा, ₹38 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे, जिससे बिजनेस के दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशंस के लिए पर्याप्त कैश सुनिश्चित होगा।
कंपनी का फाइनेंशियल परफॉरमेंस:
Shankesh Jewellers ने हाल के दिनों में मजबूत ग्रोथ दिखाई है। मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए, कंपनी ने ₹106.7 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹40.3 करोड़ के मुकाबले 164.6% ज्यादा है। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस भी बढ़कर ₹1,630.8 करोड़ हो गया, जबकि पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह ₹1,403.8 करोड़ था। यह परफॉरमेंस कंपनी की ग्रोथ क्षमता को दर्शाता है, लेकिन निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या यह ग्रोथ इसी गति से जारी रहती है।
बिजनेस मॉडल और जोखिम:
कंपनी एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है, जिसका मतलब है कि यह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की मालिक नहीं है, बल्कि अपने हैंडक्राफ्टेड गोल्ड ज्वैलरी बनाने के लिए थर्ड-पार्टी जॉब वर्कर्स पर निर्भर करती है। इस मॉडल में कम शुरुआती निवेश की जरूरत होती है, लेकिन इसमें कुछ जोखिम भी हैं। यदि बाहरी वर्कर्स को देरी, लेबर की कमी या क्वालिटी कंट्रोल में समस्या आती है, तो कंपनी के ऑर्डर्स पूरा करने की क्षमता बाधित हो सकती है।
इसके अलावा, ज्वैलरी बिजनेस सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील है। चूंकि सोना मुख्य कच्चा माल है, इसलिए ग्लोबल गोल्ड प्राइस में कोई भी तेज अस्थिरता कंपनी के इन्वेंटरी वैल्यू और प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकती है। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि ज्वैलरी इंडस्ट्री में काफी प्रतिस्पर्धा है, जिसमें Joyalukkas India, P N Gadgil & Sons, और Kalyan Jewellers India जैसे बड़े प्लेयर्स पहले से ही बड़ा मार्केट शेयर रखते हैं।
IPO स्ट्रक्चर और टाइमलाइन:
IPO में 3.94 करोड़ इक्विटी शेयर्स शामिल हैं। इसमें 2.94 करोड़ फ्रेश इश्यू और प्रमोटर्स Kantilal Kheemraj Jain और Manoj Kantilal Jain द्वारा 1 करोड़ शेयर्स का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। कंपनी ने इश्यू का 50% क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs), 35% रिटेल इन्वेस्टर्स और 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) के लिए आवंटित किया है। शेयर्स का प्राइस बैंड 11 अगस्त को घोषित होने की उम्मीद है, जबकि एंकर बुक 17 अगस्त को खुलेगी। इक्विटी शेयर्स की फाइनल लिस्टिंग 25 अगस्त को स्टॉक एक्सचेंजों पर होने वाली है।
