Shankesh Jewellers IPO: दूसरे दिन मिला 0.48 गुना सब्सक्रिप्शन, रिटेल निवेशकों में जोश

IPO
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Shankesh Jewellers IPO: दूसरे दिन मिला 0.48 गुना सब्सक्रिप्शन, रिटेल निवेशकों में जोश

Shankesh Jewellers के IPO में दूसरे दिन यानी 19 अगस्त तक दोपहर तक **0.48x** का सब्सक्रिप्शन देखने को मिला है। रिटेल निवेशकों ने अपने कोटे का **0.74x** बुक किया है, जो इस IPO में उनकी दिलचस्पी को दिखाता है। यह इश्यू **20 अगस्त** तक खुला रहेगा और शेयर का प्राइस बैंड **₹88 से ₹93** रखा गया है।

IPO में निवेश का दूसरा दिन: सब्सक्रिप्शन का हाल

Shankesh Jewellers का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 18 अगस्त को खुला था और 20 अगस्त को बंद होगा। दूसरे दिन, 19 अगस्त को दोपहर 11:15 बजे तक, इस इश्यू को कुल मिलाकर 0.48 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। खास बात यह है कि रिटेल इन्वेस्टर्स, जो अक्सर छोटे IPOs में शुरुआत से ही तेजी लाते हैं, उन्होंने इस बार भी अपने हिस्से का 0.74 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल कर लिया है।

IPO से जुटाए जाएंगे ₹367 करोड़

अपने ऊपरी प्राइस बैंड ₹93 पर, यह IPO कुल ₹367.18 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखता है। इसमें ₹274.18 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹93 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है, जो मौजूदा शेयर होल्डर्स द्वारा बेचा जाएगा। फ्रेश इश्यू से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने या प्री-पे करने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी।

बिजनेस मॉडल और इंडस्ट्री के रिस्क

ज्वेलरी सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए कंपनी के बिजनेस मॉडल को समझना जरूरी है। Shankesh Jewellers अपने गहनों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर बाहरी कारीगरों (third-party job workers) पर निर्भर है। इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग के बजाय बाहरी कॉन्ट्रैक्टर्स पर निर्भरता इंडस्ट्री में आम है, लेकिन इससे क्वालिटी कंट्रोल और लेबर सप्लाई में दिक्कतें आ सकती हैं। इसके अलावा, ज्वैलरी बिजनेस में काफी कैपिटल की जरूरत होती है, खासकर इन्वेंटरी को बनाए रखने के लिए। अगर डिमांड कम होती है या इन्वेंटरी का टर्नओवर धीमा रहता है, तो यह कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है।

यह सेक्टर काफी बिखरा हुआ और प्रतिस्पर्धी है, जहाँ बड़े ऑर्गेनाइज़्ड प्लेयर्स और छोटे लोकल ज्वैलर्स के बीच मार्केट शेयर के लिए कड़ी टक्कर है। भविष्य में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि वह रॉ मटेरियल की लागत को कैसे मैनेज करती है और इस प्रतिस्पर्धी माहौल में अपने मार्जिन को कैसे बनाए रखती है।

एंकर इन्वेस्टर्स की भागीदारी और ग्रे मार्केट का अनुमान

पब्लिक इश्यू के खुलने से पहले, कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹110.15 करोड़ जुटाए थे, जिनमें Tiger Strategies Fund-I, Necta Bloom VCC, और Venus Investment VCC जैसे फंड शामिल थे। यह प्री-IPO इंटरेस्ट कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी के प्रति निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।

अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में, शेयर ऊपरी प्राइस बैंड ₹93 से लगभग ₹5 के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। यह लगभग 5% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि, ग्रे मार्केट के ये आंकड़े ऑफिशियल नहीं हैं और मार्केट सेंटिमेंट के आधार पर बदल सकते हैं, लेकिन ये मौजूदा निवेशक उम्मीदों की एक झलक देते हैं।

कल इश्यू बंद होने से पहले रिटेल और इंस्टीट्यूशनल कोटा का फाइनल सब्सक्रिप्शन डेटा महत्वपूर्ण रहेगा। कंपनी के शेयर 25 अगस्त, 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट होने की उम्मीद है। निवेशकों को लिस्टिंग के बाद कंपनी के भविष्य की दिशा को समझने के लिए फाइनल सब्सक्रिप्शन डेटा और मैनेजमेंट की भविष्य की विस्तार योजनाओं और कर्ज घटाने की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.