ग्रीन एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Sembcorp Green Infra ने आईपीओ (IPO) लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कंपनी इस इश्यू के जरिए **₹3,750 करोड़** जुटाने की तैयारी में है, जिसका एक बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में इस्तेमाल किया जाएगा।
आईपीओ की पूरी गणित
सिंगापुर स्थित Sembcorp Industries की रिन्यूएबल एनर्जी शाखा ने मार्केट रेगुलेटर के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जमा कर दिया है। यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) है, यानी कंपनी जो भी फंड जुटाएगी, वह सीधे उसके बिजनेस विस्तार और बैलेंस शीट को मजबूत करने में काम आएगा। इसमें कोई 'ऑफर फॉर सेल' शामिल नहीं है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
कर्ज कम करने पर जोर
जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹12,522.6 करोड़ का कर्ज का बोझ था। आईपीओ से मिलने वाली राशि में से ₹3,000 करोड़ सीधे कर्ज के भुगतान (Debt Repayment) में लगाए जाएंगे। इससे कंपनी के ब्याज खर्च में कमी आएगी, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ने की उम्मीद है।
बिजनेस मॉडल और मजबूती
कंपनी का 3.60 GW का ऑपरेशनल पोर्टफोलियो है, जो राजस्थान, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में फैला हुआ है। कंपनी की 85% से ज्यादा कैपेसिटी सरकारी एजेंसियों के साथ लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट्स पर आधारित है, जो इसे रेगुलर कैश फ्लो देता है। मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹2,652.5 करोड़ का रेवेन्यू और ₹346.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां
कंपनी फिलहाल 4.04 GW/GWh की नई कैपेसिटी पर काम कर रही है, जिसमें रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी शामिल हैं। हालांकि, कंपनी को Adani Green Energy, NTPC Green Energy और ACME Solar Holdings जैसी बड़ी कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। साथ ही, ₹750 करोड़ के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट की भी संभावना है, जिससे फाइनल इश्यू साइज में बदलाव हो सकता है।
