बेंगलुरु स्थित वेल्थ-टेक कंपनी Scripbox अब आधिकारिक तौर पर एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई है। कंपनी ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए स्टॉक स्प्लिट का फैसला लिया है, जो भविष्य में आने वाले IPO की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Scripbox Wealth Managers ने कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग पूरा करते हुए प्राइवेट से पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदलाव कर लिया है। 19 अक्टूबर, 2026 को हुई एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग में शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। यह बदलाव भारतीय शेयर बाजारों में लिस्ट होने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
स्टॉक स्प्लिट और रीब्रैंडिंग
कंपनी का नया नाम अब 'Scripbox Wealth Managers Limited' हो गया है। इसके साथ ही, बोर्ड ने स्टॉक स्प्लिट को भी हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले हर शेयर को ₹2 फेस वैल्यू वाले 5 टुकड़ों में बांटा जाएगा। बाजार जानकारों का मानना है कि इससे शेयरों की संख्या बढ़ेगी और भविष्य में ट्रेडिंग लिक्विडिटी बेहतर होगी।
फाइनेंशियल सेहत और पूंजी
कंपनी के हालिया आंकड़े काफी मजबूत नजर आते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025 में Scripbox ने ₹107.2 करोड़ की ऑपरेटिंग रेवेन्यू और ₹12.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने विस्तार के लिए Stride Ventures से ₹15 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) भी जुटाए हैं। फिलहाल, यह प्लेटफॉर्म ₹20,000 करोड़ से ज्यादा के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को मैनेज कर रहा है। साथ ही, Accel, Omidyar Network और Nippon Life Insurance जैसे दिग्गज निवेशकों ने इसमें करीब $59 मिलियन का निवेश किया हुआ है।
सेक्टर का माहौल और चुनौतियां
भारत के वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर में मुकाबला बेहद कड़ा है। जहां म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का AUM ₹82 लाख करोड़ के पार निकल चुका है, वहीं बैंकों और बड़ी ब्रोकरेज फर्मों से कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। हालांकि, पब्लिक कंपनी बनने के बाद कंपनी को SEBI के सख्त नियमों और डिस्क्लोजर मानकों का पालन करना होगा। अभी कंपनी को SEBI के पास DRHP फाइल करना बाकी है, इसलिए IPO की सटीक टाइमिंग मार्केट की स्थितियों और रेगुलेटरी मंजूरी पर निर्भर करेगी।
