संस्थानों ने दिखाया दम!
₹409 करोड़ के इस पब्लिक ऑफर को Qualified Institutional Buyers (QIBs) और Non-Institutional Investors (NIIs) से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। QIBs ने अपने हिस्से का 1.71 गुना सब्सक्रिप्शन हासिल किया, जबकि NIIs ने और भी ज्यादा उत्साह दिखाते हुए 2.36 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया। यह भरोसा पब्लिक सेल शुरू होने से पहले Anchor Investors से जुटाए गए ₹122 करोड़ के बाद आया।
रिटेल की ओर से फीकी प्रतिक्रिया
इसके विपरीत, रिटेल निवेशकों की भागीदारी काफी कम रही, जिनका सब्सक्रिप्शन रेट सिर्फ 0.11 गुना था। IPO में ₹285 करोड़ के फ्रेश इश्यू के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों, जिसमें Vikasa India EIF I Fund भी शामिल है, से 31.57 लाख इक्विटी शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल था।
फ्यूचर ग्रोथ के लिए फंड का इस्तेमाल
Sai Parenterals इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपनी ग्लोबल फॉर्मूलेशन (Global Formulation) बिजनेस को मजबूत करने और Contract Development and Manufacturing Organisation (CDMO) क्षमताओं को बढ़ाने के लिए करेगी। कंपनी का लक्ष्य इंजेक्टेबल प्रोडक्ट्स और ओरल सॉलिड डोसेज फॉर्म्स के उत्पादन को बढ़ाना है, जिसमें एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड फार्मास्युटिकल सर्विसेज पर फोकस रहेगा।
बाजार की क्या है राय?
मार्केट का इस IPO पर रिएक्शन मिला-जुला रहा है। QIBs और NIIs से मजबूत सब्सक्रिप्शन रेट्स Sai Parenterals की ग्रोथ की संभावनाओं और एक्सपोर्ट फार्मा मार्केट में इसकी भूमिका में विश्वास दिखाते हैं। हालांकि, रिटेल निवेशकों की कम रुचि लिस्टिंग पर उम्मीद से कम तत्काल उछाल का कारण बन सकती है।