मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनी Sahajanand Medical Technologies अपना पहला IPO 15 अक्टूबर, 2026 को लेकर आ रही है। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी कंपनी को इसमें से कोई नई फंडिंग नहीं मिलेगी।
मुंबई स्थित कार्डियोवैस्कुलर मेडिकल डिवाइसेज बनाने वाली कंपनी Sahajanand Medical Technologies ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। रिटेल निवेशक इस आईपीओ में 15 अक्टूबर, 2026 से 19 अक्टूबर, 2026 तक बोली लगा सकेंगे। यह पूरा पब्लिक ऑफर पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के रूप में आ रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं और सारा पैसा उन्हीं की जेब में जाएगा। कंपनी को इस आईपीओ से कोई नई पूंजी (Fresh Capital) नहीं मिलेगी।
बिजनेस और फाइनेंशियल सेहत
कंपनी मुख्य रूप से कोरोनरी स्टेंट्स और ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लांटेशन (TAVI) जैसे कार्डियोवैस्कुलर डिवाइस बनाती है। फाइनेंशियल ईयर मार्च 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी की कुल इनकम करीब ₹1,218.73 करोड़ रही, जबकि नेट प्रॉफिट ₹69.08 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि कंपनी की रेवेन्यू में ग्रोथ दिख रही है, लेकिन इसके प्रॉफिट मार्जिन काफी पतले हैं और पहले भी कंपनी घाटे में रही है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर्स
निवेशकों को कुछ अहम बातों पर गौर करना चाहिए:
- प्रोडक्ट डिपेंडेंसी: कंपनी की कमाई का एक बड़ा हिस्सा उसके फ्लैगशिप स्टेंट 'Supraflex Cruz' पर निर्भर है। अगर इस प्रोडक्ट के मार्केट में मुकाबला बढ़ता है या कीमत कम होती है, तो कंपनी के फाइनेंशियल पर सीधा असर पड़ेगा।
- कानूनी पचड़े: कंपनी के प्रमोटर्स के खिलाफ कुछ आपराधिक और टैक्स से जुड़े मामले लंबित हैं, जो भविष्य में मैनेजमेंट के लिए अनिश्चितता पैदा कर सकते हैं।
- OFS का असर: चूंकि यह पैसा कंपनी के विस्तार या कर्ज घटाने में इस्तेमाल नहीं होगा, इसलिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ तलाश रहे निवेशकों के लिए यह एक बड़ी चुनौती हो सकती है।
मेडिकल डिवाइस सेक्टर में कड़े रेगुलेटरी नियमों और टेक्नोलॉजी में बदलाव को देखते हुए कंपनी की बाजार में पकड़ बनाए रखना आसान नहीं होगा। शेयरों की अलॉटमेंट और लिस्टिंग BSE और NSE पर 23 अक्टूबर, 2026 के आसपास होने की उम्मीद है।
