मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनी Sahajanand Medical Technologies अपना IPO लेकर आ रही है। ₹475.48 करोड़ के इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड **₹327 से ₹344** प्रति शेयर तय किया गया है, जो 15 अक्टूबर 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा।
IPO की संरचना और जरूरी बातें
कार्डियोवैस्कुलर डिवाइस जैसे कोरोनरी स्टेंट्स और TAVI सिस्टम बनाने वाली प्रमुख कंपनी Sahajanand Medical Technologies अब पब्लिक मार्केट में कदम रखने जा रही है। कंपनी ने ₹475.48 करोड़ जुटाने के लिए प्राइस बैंड ₹327-344 फिक्स किया है। निवेशक इस आईपीओ के लिए 15 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक बोली लगा सकेंगे। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए यह प्रक्रिया 14 अक्टूबर को ही शुरू हो जाएगी।
सबसे अहम बात यह है कि यह पूरा आईपीओ 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। इसका मतलब है कि जुटने वाली पूरी रकम मौजूदा शेयरधारकों (प्रमोटर्स और निवेशक जैसे Samara Capital Markets और Kotak Pre-IPO Opportunities Fund) की जेब में जाएगी, कंपनी के बैलेंस शीट में नहीं। इसलिए, विस्तार के लिए कंपनी को इस इश्यू से फंड नहीं मिलेगा।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस
कंपनी की ग्रोथ पर नजर डालें तो वित्तीय वर्ष 2026 में नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹69.08 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹25.15 करोड़ से काफी बेहतर है। कंपनी का एनुअल रेवेन्यू ₹1,210.5 करोड़ तक पहुंच गया है। जून 2026 तिमाही में भी कंपनी ने ₹351.6 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹15.1 करोड़ का मुनाफा कमाया है।
रिस्क फैक्टर्स: क्या निवेश से पहले सतर्क रहें?
कंपनी ने ग्रोथ दिखाई है, लेकिन निवेशकों को कर्ज और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों को भी समझना होगा। 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹320.63 करोड़ का कर्ज था, जिसमें से 79% कर्ज 'करंट डेट' है, जिसे जल्द चुकाना या रिफाइनेंस करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी की टॉप 10 सप्लायर्स पर 50% से ज्यादा निर्भरता किसी भी तरह की सप्लाई बाधा के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
निवेश की गणित
रिटेल निवेशकों को न्यूनतम 43 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर ₹14,792 का निवेश करना होगा। कोटा की बात करें तो 50% हिस्सा इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल और 35% रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व है। अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को हो सकता है और शेयर 23 अक्टूबर 2026 को एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे।
