मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनी Sahajanand Medical Technologies अपना IPO **15 अक्टूबर** को लेकर आ रही है। कंपनी का इश्यू **19 अक्टूबर** तक खुला रहेगा। यह पूरा IPO 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है, जिसमें कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।
मेडिकल डिवाइस सेक्टर में बड़ा नाम रखने वाली Sahajanand Medical Technologies अब शेयर बाजार में एंट्री करने को तैयार है। कंपनी का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 15 अक्टूबर से 19 अक्टूबर, 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इस लिस्टिंग से पहले, कंपनी ₹175 करोड़ से ₹200 करोड़ तक जुटाने के लिए प्री-IPO राउंड भी कर रही है। कंपनी ने प्रति शेयर प्राइस बैंड ₹327 से ₹344 तय किया है, जिससे कंपनी की कुल वैल्यूएशन करीब ₹3,500 करोड़ आंकी गई है। उम्मीद है कि शेयर 23 अक्टूबर, 2026 को एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।
फाइनेंशियल हेल्थ और मार्केट पोजीशन
कंपनी का परफॉर्मेंस पिछले कुछ समय में दमदार रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹1,210.5 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹1,024.9 करोड़ था। नेट प्रॉफिट भी तेजी से बढ़कर ₹69.08 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ ₹25.15 करोड़ था। कंपनी का ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट (drug-eluting stent) सेगमेंट में करीब 25% मार्केट शेयर है।
निवेशक ध्यान दें: 'ऑफर फॉर सेल' का मतलब
यह पूरा IPO 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। इसका सीधा मतलब यह है कि इसमें मौजूदा प्रमोटर्स और प्राइवेट इक्विटी निवेशक अपने शेयर आम जनता को बेच रहे हैं। इस प्रक्रिया से जो पैसा आएगा, वह कंपनी के पास नहीं, बल्कि बेचने वाले निवेशकों के पास जाएगा। यानी कंपनी को बिजनेस विस्तार के लिए इस IPO से कोई फंड नहीं मिलेगा।
जोखिम के बिंदु (Risk Factors)
निवेशकों को कुछ जरूरी बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- प्रोडक्ट डिपेंडेंसी: कंपनी का बड़ा रेवेन्यू केवल एक फ्लैगशिप प्रोडक्ट, 'Supraflex Cruz' से आता है। इस एक प्रोडक्ट पर अधिक निर्भरता बिजनेस के लिए रिस्की हो सकती है।
- भारी कर्ज: जून 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज ₹320.63 करोड़ था। इतने बड़े कर्ज के कारण कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव बना रह सकता है।
- कच्चा माल: कंपनी इंपोर्टेड रॉ मटीरियल पर काफी निर्भर है, जिससे सप्लाई चेन में दिक्कत और करेंसी में उतार-चढ़ाव होने पर मुनाफा प्रभावित हो सकता है।
