Sabari Constructions Technologies ने NSE Emerge पर IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए हैं। कंपनी अपने वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए **63 लाख** नए शेयर जारी करेगी।
कोयंबटूर स्थित इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) फर्म, Sabari Constructions Technologies Limited ने NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा कर दिया है। कंपनी इस IPO के जरिए 63 लाख नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। खास बात यह है कि इस IPO में प्रमोटर्स अपना हिस्सा नहीं बेच रहे हैं, यानी यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) है।
वर्किंग कैपिटल पर कंपनी का फोकस
कंपनी का लक्ष्य इस इश्यू से करीब ₹160 करोड़ जुटाना है। कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट काफी चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि यहां क्लाइंट्स से पेमेंट मिलने में अक्सर समय लगता है। ऐसे में रॉ मटेरियल की खरीद और ऑपरेशंस को सुचारू रखने के लिए लिक्विडिटी बनाए रखना जरूरी है। कंपनी के पास फिलहाल 19 प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के क्लाइंट्स शामिल हैं।
बैकवर्ड इंटीग्रेशन का फायदा
करीब दो दशकों के अनुभव के साथ कंपनी ने इंफ्रा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है। केवल कॉन्ट्रैक्टिंग सेवाओं तक सीमित न रहकर, Sabari Constructions कोयंबटूर और चेन्नई में रेडी-मिक्स कंक्रीट और कंक्रीट ब्लॉक्स के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी चलाती है। यह बैकवर्ड इंटीग्रेशन कंपनी को लागत नियंत्रित करने और आपूर्ति बनाए रखने में मदद करता है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंस्ट्रक्शन सेक्टर काफी हद तक टेंडर जीतने पर निर्भर है। यहाँ कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव रह सकता है। इसके अलावा, प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना (Execution Risk) और सरकारी विभागों से समय पर पेमेंट मिलना कंपनी की फाइनेंशियल सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि यह NSE Emerge पर लिस्ट हो रही है, इसलिए निवेशकों को मेनबोर्ड के मुकाबले इसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहने की संभावना को भी ध्यान में रखना चाहिए।
