SRIT India IPO: निवेश का मौका! **₹218 करोड़** जुटाने आ रही कंपनी, जानें क्या है रिस्क

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
SRIT India IPO: निवेश का मौका! **₹218 करोड़** जुटाने आ रही कंपनी, जानें क्या है रिस्क

बेंगलुरु की IT कंपनी SRIT India अपना IPO **28 सितंबर** को लॉन्च करने जा रही है। **₹218.4 करोड़** के इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड **₹123-130** तय किया गया है। हालांकि रेवेन्यू बढ़ रहा है, लेकिन गिरता ऑर्डर बुक और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर **90%** की निर्भरता निवेशकों के लिए चिंता का सबब हो सकती है।

बेंगलुरु स्थित IT सॉल्यूशंस कंपनी SRIT India 28 सितंबर, 2026 को अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पेश करने जा रही है। कंपनी फ्रेश इक्विटी शेयर्स जारी कर ₹218.4 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसके लिए ₹123 से ₹130 प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा गया है। संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) 25 सितंबर से बोलियां लगा सकेंगे, जबकि पब्लिक सब्सक्रिप्शन 30 सितंबर को बंद होगा। कंपनी के शेयर 6 अक्टूबर को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकते हैं।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और ऑर्डर बुक का हाल

मार्च 2026 तक कंपनी ने ₹450 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 15.6% अधिक है। हालांकि, निवेशकों को ऑर्डर बुक पर गौर करना चाहिए। पेंडिंग ऑर्डर्स की वैल्यू FY25 के ₹1,476.9 करोड़ से घटकर FY26 में ₹1,182.8 करोड़ रह गई है। ऑर्डर बुक भविष्य के बिजनेस का पैमाना होती है, ऐसे में बड़ी गिरावट यह दर्शाती है कि नए प्रोजेक्ट्स हासिल करने में कंपनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भरता

कंपनी का रेवेन्यू मॉडल काफी कंसंट्रेटेड है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी की 90% कमाई सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स से आई है। यह जहां एक तरफ काम की निरंतरता सुनिश्चित करता है, वहीं दूसरी ओर यह काफी रिस्की भी है। सरकारी पेमेंट में देरी या टेंडर हासिल करने में चूक सीधे तौर पर कंपनी के कैश फ्लो को प्रभावित कर सकती है।

IPO से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल

जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा ऑपरेशंस के लिए इस्तेमाल होगा। इसमें से ₹124 करोड़ वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए, जबकि ₹15.3 करोड़ सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट्स के आधुनिकीकरण में खर्च किए जाएंगे। बाकी पैसा कंपनी के अधिग्रहण (Acquisitions) जैसी योजनाओं में लगाया जाएगा।

प्रमोटर्स की हिस्सेदारी

IPO के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 84.74% से घटकर 62.59% रह जाएगी। कंपनी में सुनील सिंघानिया समर्थित Abakkus Venture Opportunities Fund की भी 1.47% हिस्सेदारी है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि क्या कंपनी अपने ऑर्डर बुक में सुधार कर पाएगी और सरकारी बिजनेस मॉडल के साथ मुनाफे को बरकरार रख पाएगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.