SFC Environmental Technologies अपना ₹150 करोड़ का IPO 27 अक्टूबर को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी का फोकस कर्ज कम करने और वर्किंग कैपिटल जुटाने पर है। निवेशक कंपनी के मुनाफे में वापसी और बड़े ऑर्डर बुक को ध्यान में रखकर फैसला ले सकते हैं।
वेस्टवाटर ट्रीटमेंट और रीसाइकिलिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी, SFC Environmental Technologies ने अपने IPO की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यह पब्लिक ऑफर 27 अक्टूबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 29 अक्टूबर तक जारी रहेगा। संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के लिए एंकर बुक 26 अक्टूबर को खुलेगी, जबकि शेयर बाजार में लिस्टिंग 3 नवंबर को होने की उम्मीद है।
IPO का गणित और फंड का इस्तेमाल
यह IPO कुल ₹150 करोड़ के फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) से जुड़ा है। इसके अलावा, कंपनी के प्रमोटर संदीप सुधाकर असोलकर और संकेतचंद्रसिंह प्रतापसिंह धनडोरिया अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेंगे। इस पूरे इश्यू को मैनेज करने के लिए IIFL कैपिटल सर्विसेज, JM फाइनेंशियल और नुवामा (Nuvama) वेल्थ मैनेजमेंट को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है।
कंपनी के सामने फिलहाल ₹253.1 करोड़ का कर्ज है। IPO से जुटाई गई राशि में से ₹42.2 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹74.9 करोड़ ऑपरेशनल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में खर्च किए जाएंगे। बाकी पैसा जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगा।
ऑर्डर बुक और फाइनेंशियल स्थिति
2005 में स्थापित हुई यह कंपनी सीवेज और सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट के क्षेत्र में काफी सक्रिय है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹1,202 करोड़ की है, जिसमें ₹641 करोड़ के प्रोजेक्ट्स वेस्टवाटर ट्रीटमेंट और ₹561 करोड़ के प्रोजेक्ट्स रीसाइकिलिंग से संबंधित हैं।
जून 2026 की तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी सुधरा है। राजस्व (Revenue) ₹133.9 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना है। कंपनी ने ₹1.5 करोड़ का प्रॉफिट भी दर्ज किया है, जो घाटे से मुनाफे में आने की एक सकारात्मक शुरुआत है। हालांकि, बड़े कर्ज को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना होगा कि कंपनी अपने मामूली प्रॉफिट मार्जिन को भविष्य में कैसे बनाए रखती है।
