SEBI ने Indian Gas Exchange के IPO को हरी झंडी दे दी है। इसमें प्रमोटर Indian Energy Exchange द्वारा **1.67 करोड़** शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) लाया जाएगा। यह पूरा इश्यू OFS है, इसलिए कंपनी को इससे कोई नई पूंजी नहीं मिलेगी।
IPO का मुख्य मकसद
यह कदम पूरी तरह से रेगुलेटरी नियमों को पूरा करने के लिए उठाया गया है। Petroleum and Natural Gas Regulatory Board के नियमों के अनुसार, Indian Energy Exchange को गैस ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में अपनी हिस्सेदारी को मौजूदा 47.28% से घटाकर 25% करना अनिवार्य है। यह IPO इसी लक्ष्य को हासिल करने का एक जरिया है।
फाइनेंशियल हेल्थ और बड़े निवेशक
Indian Gas Exchange देश का पहला अधिकृत प्लेटफॉर्म है जो गैस की फिजिकल डिलीवरी पर आधारित ट्रेडिंग की सुविधा देता है। कंपनी का प्रदर्शन देखें तो फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसने ₹61 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹42.02 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। प्लेटफॉर्म में GAIL (India), Oil and Natural Gas Corporation और Adani Total Gas जैसे दिग्गज नाम पहले से ही जुड़े हुए हैं।
निवेशकों के लिए रिस्क और सावधानियां
हालाँकि वॉल्यूम बढ़ रहा है, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना होगा कि कंपनी की कमाई कुछ ही खिलाडियों पर निर्भर है। टॉप 10 प्लेयर्स ही कुल रेवेन्यू का लगभग 66% हिस्सा देते हैं। साथ ही, गैस एलोकेशन पॉलिसी और प्राइस सीलिंग जैसे सरकारी नियम सीधे तौर पर कंपनी के कारोबार को प्रभावित करते हैं।
आगे की राह
रेगुलेटर की मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी के पास अब Registrar of Companies के पास फाइनल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा करने के लिए 12 महीने का समय है। इस इश्यू को मैनेज करने की जिम्मेदारी Axis Capital और Motilal Oswal Investment Advisors को सौंपी गई है।
