बाजार नियामक SEBI ने Zetwerk Manufacturing और Tonbo Imaging सहित पांच कंपनियों के IPO को मंजूरी दे दी है। इन पब्लिक ऑफरिंग में नए शेयर जारी करने और प्रमोटरों की हिस्सेदारी बेचने का मिश्रण शामिल है, जिसका मकसद कर्ज चुकाना और बिजनेस का विस्तार करना है। निवेशकों को इन आगामी IPO की लॉन्चिंग टाइमलाइन और वैल्यूएशन प्राइसिंग पर नजर रखनी चाहिए।
Zetwerk और Tonbo Imaging सबसे आगे
इन कंपनियों में Zetwerk Manufacturing Business Ltd का IPO सबसे बड़ा होने की उम्मीद है, जिसके जरिए कंपनी ₹4,000 करोड़ से ₹5,000 करोड़ जुटा सकती है। Zetwerk इंडस्ट्रियल ग्राहकों को मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क से जोड़ने वाला एक डिजिटल मार्केटप्लेस चलाती है। कंपनी के बड़े ग्लोबल निवेशकों में Khosla Ventures और Baillie Gifford जैसे नाम शामिल हैं। वहीं, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और इमेजिंग सिस्टम पर फोकस करने वाली Tonbo Imaging India को 1.81 करोड़ इक्विटी शेयरों के ऑफर फॉर सेल (OFS) के लिए मंजूरी मिली है। यह कंपनी 2012 से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग स्पेस में सक्रिय है।
विस्तार और कर्ज घटाने की तैयारी
कई कंपनियां IPO से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए करना चाहती हैं। हैदराबाद की Marri Retail Ltd ₹522 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाने के साथ 2.7 करोड़ शेयरों का OFS भी लाएगी। कंपनी का मुख्य फोकस कर्ज चुकाना और नए रिटेल आउटलेट खोलना है। इसी तरह, Gujarat Victory Forgings Ltd अपनी क्षमता का विस्तार करने और कर्ज का बोझ कम करने के लिए IPO फंड का उपयोग करने की योजना बना रही है। इसके पब्लिक ऑफर में 65 लाख नए शेयर और 1.32 करोड़ शेयर OFS के जरिए शामिल होंगे।
सब्सक्रिप्शन-बेस्ड रेंटल प्लेटफॉर्म Rentomojo को भी ₹150 करोड़ के फ्रेश इश्यू और 2.84 करोड़ शेयरों के OFS वाले पब्लिक इश्यू के लिए हरी झंडी मिल गई है। यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में 22 शहरों में 2.28 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवा दे रहा है। इसके फंड का इस्तेमाल लोन चुकाने और वेयरहाउस लीज सहित ऑपरेशनल खर्चों के प्रबंधन के लिए किया जाएगा।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
संभावित निवेशकों के लिए, रेगुलेटरी मंजूरी से मार्केट लिस्टिंग तक की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं। अब प्रत्येक कंपनी बाजार की स्थितियों के आधार पर अपनी अंतिम प्राइसिंग और इश्यू डेट तय करेगी। Marri Retail और Gujarat Victory Forgings जैसी कंपनियों के लिए, IPO फंड का उपयोग करके कर्ज के स्तर को कम करने की प्रभावशीलता उनकी भविष्य की वित्तीय सेहत का एक प्राथमिक संकेतक होगी। वहीं, Zetwerk और Rentomojo जैसी ग्रोथ-फोक्स्ड फर्मों के लिए, बाजार यह देखेगा कि ये कंपनियां ऑपरेशन्स को बढ़ाने की लागतों का प्रबंधन करते हुए अपनी ग्रोथ की गति को कितनी प्रभावी ढंग से बनाए रख सकती हैं। निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि OFS कंपोनेंट का मतलब है कि कुछ पैसा कंपनी के विस्तार प्रोजेक्ट्स के बजाय मौजूदा शेयरधारकों को जाएगा।
