बाजार के रेगुलेटर SEBI ने 7 कंपनियों के IPO लाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। इस लिस्ट में Jio Platforms और Paras Healthcare जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिससे प्राइमरी मार्केट में हलचल बढ़ने के आसार हैं।
मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 28 अगस्त, 2026 को बड़ी घोषणा करते हुए 7 कंपनियों के IPO को अंतिम मंजूरी (Final Observations) दे दी है। इस मंजूरी के साथ ही इन कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग का रास्ता साफ हो गया है। इस लिस्ट में Jio Platforms और Paras Healthcare के अलावा Bharat PET, Paramotor Digital Technology, Pushp Brand (India), M K Sons Fine Jewels और Sadbhav Futuretech शामिल हैं।
निवेशकों के लिए अहम पड़ाव
SEBI की ओर से मिली यह हरी झंडी यह सुनिश्चित करती है कि कंपनियों ने सभी जरूरी कंप्लायंस और डिस्क्लोजर शर्तों को पूरा कर लिया है। अब इन कंपनियों के पास अगले 12 से 18 महीने का समय है, जिसके दौरान वे अपना IPO लॉन्च कर सकती हैं। हालांकि, यह मंजूरी कंपनी की भविष्य की परफॉरमेंस की गारंटी नहीं देती, और इश्यू की सही तारीख बाजार के सेंटीमेंट पर निर्भर करेगी।
Paras Healthcare का प्लान
मंजूरी मिलने वाली कंपनियों में Paras Healthcare का नाम प्रमुख है, जो कुल ₹1,800 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसमें ₹500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि ₹1,300 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। कंपनी का मुख्य मकसद कर्ज कम करना और बिजनेस का विस्तार करना है।
Jio Platforms पर नजरें
Jio Platforms, जिसने जून 2026 में अपने ड्राफ्ट पेपर फाइल किए थे, उसे भी रेगुलेटर की मंजूरी मिल गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच लिस्टिंग की योजना बना सकती है, हालांकि अंतिम फैसला कंपनी की इंटरनल स्ट्रैटेजी पर ही निर्भर करेगा।
प्राइमरी मार्केट का रिस्क
भले ही नियामक ने रास्ता आसान कर दिया हो, लेकिन निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। IPO की सफलता मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स और सेक्टर की डिमांड पर टिकी होती है। जिन कंपनियों का उपयोग कर्ज चुकाने के लिए किया जा रहा है, उनमें एग्जीक्यूशन रिस्क अधिक होता है, इसलिए निवेशकों को कंपनी की रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस और प्राइस बैंड पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
