भारतीय पूंजी बाजार (capital market) 12 कंपनियों की इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) योजनाओं पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की मंजूरी के बाद नए लिस्टिंग (new listings) के लिए तैयार हो रहा है। नियामक ने 19 जनवरी से 23 जनवरी, 2026 के बीच अपनी टिप्पणियाँ जारी कीं, जिससे ये फर्में अपनी सार्वजनिक धन जुटाने की योजनाओं को आगे बढ़ा सकती हैं। यह नियामक समर्थन प्राइमरी मार्केट में लगातार मजबूत गतिविधि को उजागर करता है, जिसका श्रेय मजबूत घरेलू लिक्विडिटी (liquidity) और निरंतर निवेशक हित (investor interest) को जाता है। Hella Infra Market, जो कंस्ट्रक्शन-टेक प्लेटफॉर्म Infra.Market की पैरेंट कंपनी है, 4,500 करोड़ रुपये से 5,500 करोड़ रुपये के अनुमानित बड़े IPO की तैयारी कर रही है। यह ऑफर फ्रेश इक्विटी (fresh equity) और ऑफर फॉर सेल (OFS) का मिश्रण होगा। Sify Infinit Spaces, Sify Technologies की एक सहायक कंपनी, 2,500 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू (fresh issue) और 1,200 करोड़ रुपये के OFS को मिलाकर लगभग 3,700 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखती है। SEBI की मंजूरी पाने वाली अन्य उल्लेखनीय कंपनियों में Purple Style Labs (660 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू), UKB Electronics (400 करोड़ रुपये फ्रेश + 400 करोड़ रुपये OFS), CMR Green Technologies (4.28 करोड़ शेयरों का पूर्ण OFS), Oswal Cables (300 करोड़ रुपये फ्रेश + OFS), BVG India (300 करोड़ रुपये फ्रेश + OFS), Commtel Networks (150 करोड़ रुपये फ्रेश + 750 करोड़ रुपये OFS), Transline Technologies (1.62 करोड़ इक्विटी शेयरों का केवल OFS), और Sai Parenteral (₹285 करोड़ फ्रेश इश्यू + OFS) शामिल हैं। Medicap Healthcare और Jay Jagdamba Ltd को भी मंजूरी मिली है। IPO स्वीकृतियों की यह लहर भारत के प्राइमरी मार्केट में मजबूत तेजी (boom) के बीच आई है। 2026 के अनुमानों से पता चलता है कि IPO से धन जुटाना (fundraising) $20-25 बिलियन तक पहुंच सकता है, जो 2025 में जुटाए गए अनुमानित $22 बिलियन से अधिक हो सकता है। इस आशावाद का मुख्य कारण मजबूत घरेलू लिक्विडिटी और लगातार निवेशक मांग है। हालांकि, बाजार विश्लेषकों (market analysts) का कहना है कि निवेशक उत्साह (investor exuberance) के लिए सावधानीपूर्वक उचित परिश्रम (due diligence) की आवश्यकता है, और चुनिंदा दृष्टिकोण (selective approach) अपनाने और कंपनी के वित्तीय (company financials) की गहन जांच करने की सलाह दी जाती है। Sify Infinit Spaces की पैरेंट Sify Technologies का बाजार पूंजीकरण (market capitalization) लगभग $1.06 बिलियन (22 जनवरी, 2026 तक) है। नए लिस्टिंग के लिए समग्र बाजार आशावाद के बावजूद, Sify Technologies का P/E अनुपात नकारात्मक (-48.3x LTM, जनवरी 2026 तक) है, जो लाभहीनता (unprofitability) की अवधि दर्शाता है। 2026 में डिजिटल और वित्तीय सेवाएं IPO पाइपलाइन पर हावी रहने की उम्मीद है। Infra.Market के लिए, कंस्ट्रक्शन-टेक स्पेस में प्रमुख खिलाड़ियों में OfBusiness, Industry Buying, और Zetwerk जैसे फर्म शामिल हैं। वर्तमान माहौल मजबूत निवेशक रुचि (investor appetite) का संकेत देता है, हालांकि इन नए IPOs का दीर्घकालिक प्रदर्शन (long-term performance) उनके निष्पादन (execution) और बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा।
SEBI ने 12 IPOs को मंजूरी दी, भारत का प्राइमरी मार्केट हुआ तेज़!
IPO
Overview
पूंजी बाजार नियामक SEBI ने बारह कंपनियों की इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) योजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिससे बड़े पैमाने पर पूंजी प्रवाह का मार्ग प्रशस्त हुआ है। 19 जनवरी से 23 जनवरी, 2026 के बीच जारी की गई ये स्वीकृतियां, मजबूत लिक्विडिटी और निवेशक मांग से प्रेरित भारत के प्राइमरी मार्केट की निरंतर मजबूती को दर्शाती हैं। Hella Infra Market और Sify Infinit Spaces जैसी फर्में सार्वजनिक निर्गम (public issues) शुरू करने वाली हैं।
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