मुंबई की रियल एस्टेट कंपनी Runwal Enterprises ने अपने IPO के फ्रेश इश्यू साइज को **₹1,000 करोड़** से घटाकर अब **₹500 करोड़** कर दिया है। कंपनी का मुख्य फोकस अब कर्ज चुकाने और अपनी फाइनेंशियल सेहत सुधारने पर है।
रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी Runwal Enterprises ने अपने आगामी IPO को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने फ्रेश इश्यू का साइज 50 प्रतिशत कम कर दिया है। रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत मिली छूट का फायदा उठाते हुए कंपनी ने बिना नया ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा किए यह बदलाव किया है, ताकि वे अपनी तत्काल पूंजी जरूरतों के साथ तालमेल बिठा सकें।
कर्ज कम करने की रणनीति (Deleveraging Strategy)
कंपनी की नई योजना पूरी तरह से 'डिलिवरेजिंग' यानी कर्ज के बोझ को कम करने पर केंद्रित है। कुल ₹500 करोड़ की राशि में से ₹100 करोड़ का इस्तेमाल स्टैंडअलोन लेवल पर कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा, जो जुलाई 2026 तक ₹431.4 करोड़ था। वहीं, एक बड़ा हिस्सा यानी ₹225 करोड़ कंपनी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियों, Runwal Residency और Evie Real Estate में निवेश करेगी, जिन पर अभी ₹640 करोड़ से अधिक का कर्ज बकाया है। बाकी बची राशि का उपयोग नए प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण और अन्य खर्चों के लिए होगा।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
भले ही कंपनी ने बिजनेस के स्केल में ग्रोथ दिखाई है, लेकिन मुनाफे पर दबाव साफ नजर आ रहा है। मार्च 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी की कंसोलिडेटेड सेल्स वैल्यू 24 प्रतिशत बढ़कर ₹2,353.5 करोड़ रही, जिसके लिए 2.07 मिलियन स्क्वायर फीट का एरिया बेचा गया। हालांकि, चिंता की बात यह है कि प्रति स्क्वायर फीट औसत सेलिंग प्राइस ₹11,754 से गिरकर ₹11,366 पर आ गया है। यह प्राइजिंग प्रेशर निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या?
ICICI Securities और Jefferies India इस IPO के लीड मर्चेंट बैंकर हैं। अब निवेशकों की नजर कंपनी के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन और कर्ज कम करने के वादे पर होगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी को अब अपने सेलिंग प्राइसेज को स्टेबल करने की चुनौती का सामना करना होगा।
