Runwal Enterprises का IPO अपने अंतिम दिन 1.13 गुना सब्सक्राइब हो गया है। रियल एस्टेट कंपनी का पूरा फोकस कर्ज कम करने और प्रोजेक्ट विस्तार पर है, वहीं अलॉटमेंट की प्रक्रिया 30 सितंबर को पूरी होगी।
सब्सक्रिप्शन का गणित
Runwal Enterprises का IPO 29 सितंबर को बंद हुआ। कंपनी ने ₹290-305 के प्राइस बैंड पर शेयर जारी किए थे, जिसके मुकाबले इसे 1.13 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन मिला। कुल 1.21 करोड़ शेयरों के ऑफर के सामने 1.37 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। इस इश्यू को सबसे ज्यादा सहारा इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का मिला, जिन्होंने इसे 1.53 गुना सब्सक्राइब किया। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने 1.85 गुना दिलचस्पी दिखाई, जबकि रिटेल निवेशकों का रिस्पॉन्स थोड़ा धीमा रहा और उनका कोटा सिर्फ 61 प्रतिशत ही भर पाया।
कंपनी की रणनीति और फोकस
IPO के जरिए जुटाई गई राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने में लगाएगी। एंकर निवेशकों से कंपनी पहले ही ₹148.95 करोड़ जुटा चुकी है। रियल एस्टेट सेक्टर में कर्ज कम करना कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है, जिससे ब्याज का बोझ कम होगा। कंपनी मुख्य रूप से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में अपने अफोर्डेबल और लग्जरी प्रोजेक्ट्स को और मजबूती देने की तैयारी में है।
सेक्टर के रिस्क और लिस्टिंग का भविष्य
निवेशकों को यह समझना होगा कि इस कंपनी की सफलता प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरे होने पर टिकी है। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और रेगुलेटरी बदलाव सेक्टर के लिए हमेशा से चुनौती रहे हैं। फिलहाल ग्रे मार्केट में 4 से 5 प्रतिशत के लिस्टिंग गेन का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन यह केवल एक अनौपचारिक आंकड़ा है।
महत्वपूर्ण तारीखें
कंपनी 30 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल करेगी। इसके बाद सफल आवेदकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। स्टॉक एक्सचेंज पर इसकी आधिकारिक लिस्टिंग 5 अक्टूबर को होने की उम्मीद है।
