प्राइमरी मार्केट का फरवरी टेस्ट
प्राइमरी मार्केट (Primary Market) में फरवरी में काफी हलचल मचने वाली है. इस महीने के अंत तक सात कंपनियां अपना Initial Public Offering (IPO) लॉन्च करने वाली हैं, जिनके ज़रिए करीब ₹14,000 करोड़ का फंड जुटाया जाएगा. यह IPO की लहर 2026 की शुरुआत में प्राइमरी मार्केट में आई सुस्ती के बाद आ रही है. अब तक इस साल सिर्फ तीन IPO आए हैं, जिन्होंने कुल मिलाकर लगभग ₹4,765 करोड़ ही जुटाए हैं.
कौन-कौन से बड़े IPO आ रहे हैं?
इस IPO की लिस्ट में Fractal Analytics और Aye Finance जैसे अहम नाम शामिल हैं. Fractal Analytics अपना IPO 9 फरवरी को खोलेगी और 11 फरवरी को बंद करेगी. कंपनी ₹2,834 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो पहले सोचे गए ₹4,900 करोड़ से 40% से भी ज़्यादा कम है. इस IPO के लिए प्राइस बैंड ₹857 से ₹900 प्रति शेयर तय किया गया है. Fractal Analytics AI और एडवांस्ड एनालिटिक्स के क्षेत्र में काम करती है.
Aye Finance, जो Elevation Capital और Alphabet समर्थित एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) है, भी 9 फरवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगी और 11 फरवरी को बंद होगी. यह कंपनी लगभग ₹1,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसका प्राइस बैंड ₹122 से ₹129 प्रति शेयर है.
इनके अलावा, Indo MIM करीब ₹5,500 करोड़ और Clean Max Enviro Energy Solutions लगभग ₹3,600 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं. Gaja Alternative Asset Management (लगभग ₹656 करोड़), Skyways Air Services (लगभग ₹650 करोड़), और PNGS Reva Diamond (लगभग ₹360 करोड़) भी इस IPO की कतार में हैं.
बाजार की चाल और इन्वेस्टर का भरोसा
यह IPO की भीड़ ऐसे समय में आ रही है जब 2025 में रिकॉर्ड फंड जुटाने के बाद प्राइमरी मार्केट में थोड़ी नरमी देखी जा रही है. पिछले साल, यानी 2025 में, कंपनियों ने IPOs के ज़रिए ₹1.76 ट्रिलियन का रिकॉर्ड फंड जुटाया था. पिछले रिकॉर्ड-ब्रेकिंग IPO सालों के बाद अक्सर इन्वेस्टर ज़्यादा चुनिंदा हो जाते हैं और अच्छी क्वालिटी वाली कंपनियों पर ही पैसा लगाते हैं. ग्लोबल ट्रेड टेंशन (Global Trade Tensions) के कारण बाजार में अनिश्चितता (uncertainty) और वोलैटिलिटी (volatility) भी बनी हुई है, जो IPO वैल्यूएशन (valuation) और इन्वेस्टर पार्टिसिपेशन (investor participation) को प्रभावित कर सकती है.
Fractal Analytics जैसी टेक-आधारित कंपनियों और Aye Finance जैसी फाइनेंस कंपनियों के वैल्यूएशन के तरीके भी अलग-अलग हैं. टेक IPOs में अक्सर ग्रोथ की संभावनाओं के कारण ज़्यादा मल्टीपल (multiples) मिलते हैं, जबकि फाइनेंस कंपनियों का वैल्यूएशन उनकी प्रॉफिटेबिलिटी, एसेट क्वालिटी और डिविडेंड (Dividend) क्षमता पर टिका होता है.
आगे की राह
यह IPO की लहर प्राइमरी मार्केट के लिए एक बड़ा बैरोमीटर (barometer) साबित होगी. Fractal Analytics के IPO साइज में की गई कटौती को मार्केट की मौजूदा कंडीशन के प्रति एक प्रैक्टिकल (pragmatic) अप्रोच माना जा रहा है. Aye Finance जैसे NBFC सेक्टर की कंपनी का रिस्पॉन्स भी महत्वपूर्ण होगा. अगर ट्रेड टेंशन (trade tensions) कम होती हैं, तो यह इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस (investor confidence) को बढ़ा सकता है और आने वाले महीनों में फंड जुटाने के माहौल को बेहतर बना सकता है. लिस्टिंग के बाद इन कंपनियों का प्रदर्शन (performance) भविष्य की IPO स्ट्रैटेजी (strategy) तय करेगा.