Rentomojo का **₹1,256 करोड़** का IPO दूसरे दिन **1.83 गुना** सब्सक्राइब हो चुका है। ग्रे मार्केट में शेयर **35%** के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, हालांकि निवेशक कंपनी के कानूनी विवादों और OFS पर निर्भरता को लेकर भी सतर्क हैं।
IPO की चाल और सब्सक्रिप्शन
Rentomojo का पब्लिक इश्यू 10 सितंबर, 2026 तक 1.83 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। 9 सितंबर को खुले इस IPO के लिए आखिरी तारीख 11 सितंबर है। कंपनी इस इश्यू के जरिए ₹1,255.57 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसके लिए प्राइस बैंड ₹384 से ₹404 तय किया गया है।
OFS बनाम फ्रेश इश्यू का गणित
इस इश्यू में निवेशकों को यह गौर करने की जरूरत है कि ₹1,105.57 करोड़ का हिस्सा 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है, यानी पुराना पैसा प्रमोटर्स और शेयरहोल्डर्स की जेब में जा रहा है। केवल ₹150 करोड़ ही फ्रेश इश्यू के जरिए जुटाए जा रहे हैं। कंपनी ने बताया है कि इस फंड का ₹70 करोड़ कर्ज चुकाने और ₹42.50 करोड़ लीज रेंटल पेमेंट में खर्च किया जाएगा।
फाइनेंशियल हेल्थ और ग्रे मार्केट का जोश
मार्च 2026 तक कंपनी का प्रदर्शन काफी दमदार रहा है। कंपनी का मुनाफा 142% बढ़कर ₹104.2 करोड़ पर पहुंच गया है, वहीं रेवेन्यू में 45.5% की बढ़त के साथ यह ₹387 करोड़ रहा है। ब्लैक रॉक (BlackRock) और गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) जैसे दिग्गजों ने एंकर बुक में हिस्सा लेकर अपना भरोसा दिखाया है। अभी ग्रे मार्केट में शेयर ₹135 से ₹143 के प्रीमियम पर चल रहा है, जो लिस्टिंग डे पर 35% तक के गेन का संकेत दे रहा है।
रिस्क फैक्टर और विवाद
तेजी के बीच, कुछ कानूनी चुनौतियां भी निवेशकों के लिए चिंता का सबब बनी हुई हैं। कंपनी में कुछ हिस्सेदारी की बिक्री को लेकर को-फाउंडर द्वारा दायर याचिका और मैनेजमेंट डिस्प्यूट्स पर भी निवेशकों की नजर है। Rentomojo एक कैपिटल-इंटेंसिव बिजनेस में है, जहां लॉजिस्टिक्स और इन्वेंट्री का सही प्रबंधन करना ही कंपनी की लंबी अवधि की सफलता की कुंजी है। स्टॉक 17 सितंबर, 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकता है।
