Rentomojo का **₹1,256 करोड़** का IPO **11 सितंबर, 2026** को बंद हो गया है। कंपनी को निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स मिला है। अब सबकी नजरें **17 सितंबर** को होने वाली शेयर बाजार में लिस्टिंग पर टिकी हैं।
IPO की डिटेल्स और फंड का इस्तेमाल
Rentomojo का यह ₹1,255.57 करोड़ का पब्लिक इश्यू ₹384 से ₹404 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर आया था। इस इश्यू में ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी किए गए हैं, जिसका उपयोग कंपनी अपना कर्ज चुकाने और नए वेयरहाउस बनाने जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में करेगी। इसके अलावा, ₹1,105.57 करोड़ का हिस्सा ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत है, जहां पुराने प्रमोटर्स और शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और रिस्क
वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कंपनी का रेवेन्यू करीब ₹387 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹104.3 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी भले ही मुनाफे में है, लेकिन एक्सपर्ट्स कुछ अहम जोखिमों की तरफ इशारा कर रहे हैं:
- मार्जिन पर दबाव: पिछले फिस्कल ईयर में ऑपरेटिंग मार्जिन में 207 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट देखी गई है।
- वैल्यूएशन: ऊपरी प्राइस बैंड पर शेयर का P/E मल्टीपल लगभग 40 गुना है, जो काफी महंगा लग सकता है।
- ऑपरेशनल चुनौतियां: रेंटल एसेट की घिसाई (Depreciation) और थर्ड-पार्टी मैन्युफैक्चरर्स पर निर्भरता कंपनी के भविष्य के मुनाफे के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि लिस्टिंग के बाद कंपनी अपने मार्जिन को कैसे स्टेबल रखती है और प्रतिस्पर्धी रेंटल बाजार में अपनी ग्रोथ को कैसे बनाए रखती है।
