Rentomojo IPO: अलॉटमेंट हुआ फाइनल! लिस्टिंग पर **39%** तक मुनाफे की उम्मीद

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Rentomojo IPO: अलॉटमेंट हुआ फाइनल! लिस्टिंग पर **39%** तक मुनाफे की उम्मीद

Rentomojo ने अपने **₹1,255.57 करोड़** के IPO के लिए अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी कर ली है। कंपनी को कुल **72.88** गुना सब्सक्रिप्शन मिला है और अब 17 सितंबर को बाजार में इसकी दमदार लिस्टिंग पर निवेशकों की नजरें हैं।

Rentomojo ने अपने ₹1,255.57 करोड़ के IPO की अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी कर ली है। जिन निवेशकों ने इसके लिए आवेदन किया था, वे अब अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। अलॉट किए गए शेयर 16 सितंबर तक डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी 17 सितंबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ट्रेड करना शुरू करेगी।

जबरदस्त रिस्पॉन्स और इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट

IPO को मार्केट से शानदार रिस्पॉन्स मिला है, जहां कुल सब्सक्रिप्शन 72.88 गुना रहा। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने इसमें सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई, जो 177.29 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों का हिस्सा क्रमशः 67.93 और 15.59 गुना भरा। BlackRock, Goldman Sachs, HDFC AMC और ICICI Prudential AMC जैसे दिग्गज संस्थानों ने ₹404 के अपर प्राइस बैंड पर शेयर्स हासिल किए हैं।

IPO का गणित और फंड का उपयोग

यह IPO ₹150 करोड़ के फ्रेश इश्यू और ₹1,105.57 करोड़ के ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का मेल है। फ्रेश फंड का एक बड़ा हिस्सा, यानी ₹70 करोड़, कर्ज कम करने में इस्तेमाल होगा। इसके अलावा ₹42.5 करोड़ वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर के लीज और लाइसेंस दायित्वों के लिए रखे गए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹387 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹104.3 करोड़ का मुनाफा कमाया था।

क्या कहते हैं ग्रे मार्केट के संकेत?

ग्रे मार्केट (GMP) में फिलहाल स्टॉक को ₹158 प्रति शेयर के प्रीमियम पर देखा जा रहा है, जो करीब 39% की लिस्टिंग गेन की ओर इशारा करता है। हालांकि, ध्यान रहे कि ग्रे मार्केट के भाव अनरेगुलेटेड होते हैं और ये बाजार के सेंटिमेंट के हिसाब से बदलते रहते हैं।

निवेशकों के लिए सावधानी

निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि OFS का हिस्सा फ्रेश इश्यू से काफी बड़ा है, जिसका मतलब है कि जुटाया गया ज्यादातर पैसा कंपनी में न जाकर पुराने शेयरधारकों के पास जा रहा है। साथ ही, फर्नीचर और अप्लायंस रेंटल जैसे बिजनेस मॉडल में वर्किंग कैपिटल और प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखना आगे चलकर बड़ी चुनौती हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.