फर्नीचर रेंटल कंपनी RentoMojo अपना **₹1,256 करोड़** का IPO **9 सितंबर, 2026** को लेकर आ रही है। इसका प्राइस बैंड **₹384–₹404** प्रति शेयर तय किया गया है। निवेशकों को कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ प्रमोटर्स की एग्जिट और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों पर गौर करना चाहिए।
IPO की महत्वपूर्ण तारीखें और डिटेल्स
फर्नीचर रेंटल स्टार्टअप RentoMojo का पब्लिक इश्यू 9 सितंबर, 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और यह 11 सितंबर, 2026 तक खुला रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग 8 सितंबर को होगी। शेयर 17 सितंबर, 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।
OFS का भारी दबाव
कुल ₹1,256 करोड़ के इश्यू साइज में से अधिकांश हिस्सा 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) का है। इसमें केवल ₹150 करोड़ का फ्रेश इश्यू है, जिसे कंपनी कर्ज चुकाने और ऑपरेशनल खर्चों के लिए इस्तेमाल करेगी। बाकी का ₹1,106 करोड़ पुराने निवेशकों जैसे Accel India IV, Chiratae Trust और Edelweiss Discovery Fund की जेब में जाएगा।
मुनाफे की असली तस्वीर
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने ₹387 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹104.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इसमें से ₹36.6 करोड़ का मुनाफा 'डिफर्ड टैक्स क्रेडिट' (Deferred tax credits) से आया है। यानी, कोर बिजनेस से होने वाला असली मुनाफा कागजों पर दिख रहे आंकड़ों से कम है।
बिजनेस मॉडल और चुनौतियां
कंपनी का मॉडल 'एसेट-हैवी' है, जिसमें इन्वेंट्री और लॉजिस्टिक्स को मैनेज करने के लिए भारी कैश की जरूरत होती है। कंपनी का एसेट ऑक्यूपेंसी रेट 83.3% रहा है, लेकिन Dixon Technologies जैसे पार्टनर्स के साथ काम करने के बावजूद, इसे अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर से कड़ी टक्कर मिल रही है। निवेशकों के लिए कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी की सस्टेनेबिलिटी और एसेट मेंटेनेंस कॉस्ट पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा।
