Reliance Jio IPO: इतिहास रचते हुए जुटाए **₹30,213 करोड़**, बना भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO

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AuthorNeha Patil|Published at:
Reliance Jio IPO: इतिहास रचते हुए जुटाए **₹30,213 करोड़**, बना भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO

Reliance Jio Platforms ने भारतीय शेयर बाजार में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए **₹30,213 करोड़** का अब तक का सबसे बड़ा IPO पेश किया है। **1 करोड़** से अधिक आवेदनों के साथ, यह इश्यू कंपनी की रणनीति में बड़े बदलाव और मुनाफे पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है।

भारतीय बाजार में Reliance Jio Platforms ने एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है। ₹30,213 करोड़ का यह IPO साल 2024 में आए Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन गया है। इस शानदार रिस्पॉन्स से डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर के प्रति निवेशकों का जबरदस्त उत्साह साफ नजर आता है।

OFS (ऑफर फॉर सेल) के मायने

निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि यह पूरा इश्यू एक 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है। इसका सीधा मतलब है कि जुटाया गया ₹30,213 करोड़ का फंड कंपनी के पास नहीं, बल्कि मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगा। चूंकि यह पैसा विस्तार या बिजनेस ऑपरेशन में नहीं लगेगा, इसलिए अब बाजार की नजर कंपनी के कर्ज प्रबंधन और कैपिटल स्पेंडिंग पर टिकी रहेगी। एक लिस्टेड कंपनी के तौर पर अब Jio को नियमित फाइनेंशियल रिपोर्टिंग और सख्त मार्केट स्क्रूटनी का सामना करना होगा।

टेलीकॉम सेक्टर: अब फोकस मुनाफे पर

भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में अब एकाधिकार जैसा माहौल है, जहां Reliance Jio और Bharti Airtel का दबदबा है। पहले कंपनियों का जोर ज्यादा से ज्यादा सब्सक्राइबर्स जोड़ने पर था, लेकिन अब रणनीति पूरी तरह बदल चुकी है। अब मुख्य लक्ष्य ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) को बढ़ाना है। इसके लिए कंपनी अब 5G सर्विसेज, हाई-स्पीड फिक्स्ड ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज कनेक्टिविटी पर दांव लगा रही है।

एक जरूरी जानकारी यह है कि ग्रुप के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स 'Reliance Intelligence' के तहत अलग से चल रहे हैं, जो इस लिस्टेड Jio Platforms का हिस्सा नहीं हैं। यानी कंपनी का वैल्यूएशन सिर्फ उसकी टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं के दम पर तय होगा।

आगे की चुनौतियां और रिस्क

इंफ्रास्ट्रक्चर के भारी खर्च और स्पेक्ट्रम की लागत के चलते टेलीकॉम बिजनेस में जोखिम हमेशा बने रहते हैं। निवेशकों के लिए अगली कुछ तिमाहियों के नतीजे यह तय करेंगे कि कंपनी अपनी लागत और रेवेन्यू ग्रोथ के बीच कैसा तालमेल बिठाती है। फिलहाल सबसे बड़ा मॉनिटरेबल फैक्टर यह है कि Jio अपने मुख्य प्रतिस्पर्धी Bharti Airtel के सामने मार्केट शेयर बचाते हुए रेवेन्यू कैसे बढ़ाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.