Jio Platforms की शानदार लिस्टिंग के बाद Reliance Group ने इतिहास रच दिया है। कंपनी अब **₹30 लाख करोड़** के कुल मार्केट कैप के साथ भारत का सबसे बड़ा कॉग्लोमरेट बन गई है, जिससे Tata Group की लंबे समय से चली आ रही बादशाहत खत्म हो गई है।
भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Jio Platforms की ऐतिहासिक एंट्री के साथ ही Reliance Group का कुल मार्केट वैल्यूएशन ₹30 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। इस उछाल ने ₹25.28 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली Tata Group को दूसरे नंबर पर धकेल दिया है।
IPO का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह Jio Platforms का सफल IPO रहा, जिसने बाजार से ₹30,213 करोड़ जुटाए। यह भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO है। शेयर ₹1,358 पर खुला और दिन के अंत तक ₹1,417.50 पर बंद हुआ, जो कि 26% से ज्यादा का रिटर्न है। इश्यू को 22 गुना से अधिक का सब्सक्रिप्शन मिला, जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
ग्रुप की नई ताकत
अब Reliance Group की वैल्यू तीन मुख्य पिलर्स पर टिकी है:
- Reliance Industries: ₹15.67 लाख करोड़
- Jio Platforms: ₹13 लाख करोड़
- Jio Financial Services: ₹1.35 लाख करोड़
यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि कंपनी अब पारंपरिक एनर्जी सेक्टर से हटकर पूरी तरह डिजिटल और रिटेल सर्विसेज पर केंद्रित हो गई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इतनी बड़ी वैल्यूएशन के साथ कंपनी पर भविष्य की ग्रोथ को लेकर उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने मार्जिन में कैसे सुधार करती है और IPO से मिले फंड का इस्तेमाल कैसे करती है। Reliance का मॉडल काफी कैपिटल-इंटेंसिव है, इसलिए कर्ज प्रबंधन और कैश फ्लो पर नजर रखना जरूरी होगा। वहीं, Tata Group का डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल एक अलग तरह का रिस्क प्रोफाइल पेश करता है, जो Reliance के टेक-फोकस्ड मॉडल से काफी अलग है।
