सोलर मॉड्यूल बनाने वाली कंपनी Rayzon Solar ने अपने IPO के फ्रेश इश्यू साइज को 50% घटाकर ₹750 करोड़ कर दिया है। SEBI के नए नियमों का फायदा उठाते हुए कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं को नई दिशा दे रही है।
बदल गई IPO की रणनीति
Rayzon Solar ने अपने पब्लिक इश्यू को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पहले कंपनी मार्केट से ₹1,500 करोड़ जुटाने की तैयारी में थी, लेकिन अब इसे घटाकर ₹750 करोड़ कर दिया गया है। कंपनी ने यह कदम अप्रैल 2026 में लागू हुए SEBI के नए नियमों के तहत उठाया है, जिससे अब कंपनियों को बिना DRHP फाइल किए अपने कैपिटल जुटाने की योजना में बदलाव करने की छूट मिल गई है।
सूरत प्लांट पर रहेगा फोकस
इश्यू साइज घटाने के बावजूद कंपनी का पूरा ध्यान गुजरात के सूरत में बन रहे 3.5 GW के सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पर है। इस प्लांट के लिए ₹570 करोड़ की राशि आरक्षित की गई है। यहां कंपनी आधुनिक TOPCon टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी, जिसका काम फाइनेंशियल ईयर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी की परफॉर्मेंस देखें तो, इनका कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग इनकम ₹6,073.51 करोड़ रहा है, जबकि EBITDA मार्जिन 13.44% दर्ज किया गया। अगस्त 2026 तक कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 11.3 GW है, जो इसे भारतीय बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनाती है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
सोलर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में पूंजी की भारी जरूरत होती है। सूरत प्लांट के लिए कंपनी को IPO के पैसों के अलावा टर्म लोन और इंटरनल कैश पर भी निर्भर रहना होगा। इसके अलावा, कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भरता और ग्लोबल लेवल पर कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकते हैं। बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना कंपनी के लिए बड़ी चुनौती होगी।
